मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…


..24 घंटे पुराने चिकित्सालय में चिकित्सा सुविधा, अस्पतालों में रिक्त पद भरने और ट्रेनों के संचालन समेत कई मांगें उठाईं


सोनभद्र विकास मंच द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को मंच के अध्यक्ष ज्ञानेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव विभिन्न जनहित की मांगों को लेकर पुराने चिकित्सालय परिसर में भूख हड़ताल पर बैठ गए।

उन्होंने पुराने चिकित्सालय में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा शुरू करने, जिले के सभी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेज में रिक्त पदों को भरने, शिक्षा के गिरते स्तर में सुधार, बिजली के जर्जर व ढीले तारों की मरम्मत, पेयजल समस्या का समाधान तथा सूरत, मुंबई और हावड़ा के लिए ट्रेनों का संचालन शुरू करने की मांग उठाई।

ज्ञानेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि पुराने चिकित्सालय में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा बहाल करने का सक्षम अधिकारियों द्वारा तीन बार लिखित आश्वासन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक सुविधा शुरू नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि यह शहरवासियों के साथ अन्याय है। उन्होंने जर्जर बिजली तारों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग करते हुए कहा कि ढीले तारों से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेज में रिक्त पदों को भरा जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मस्तिष्क और हृदय संबंधी बीमारी से जूझने के बावजूद वह जनहित के संघर्ष से पीछे नहीं हटे हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण अपनी 20 वर्ष पुरानी मान्यता प्राप्त पत्रकारिता के नवीनीकरण को रोककर प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वे न रुके और न झुके।

मंच के उपाध्यक्ष राम भवन पटेल और संगठन मंत्री रमेश प्रसाद मौर्य ने किसानों को समय से खाद और पानी उपलब्ध कराने तथा नहरों पर बने झाल, पुलिया और नालियों की मरम्मत कराने की मांग की। महामंत्री शिव प्रसाद यादव ने राजकीय महिला महाविद्यालय में वाणिज्य और विज्ञान विषयों में स्नातकोत्तर कक्षाएं शुरू कराने की मांग की, ताकि जिले की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े।

भूख हड़ताल के दौरान परमेश्वर मौर्य, शिव पूजन दुबे, प्रांजल श्रीवास्तव, अनुपम दूबे, शाद अंसारी, जगदीश तोमर, बबलू कनौजिया, उमेश चौरसिया, पंकज, संतोष श्रीवास्तव, कनिष्क भार्गव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।