मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…

वर्षा ऋतु में हो रही भारी बारिश के दृष्टिगत ओबरा बांध के जलस्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। बांध का पूर्ण जलस्तर (एफआरएल) 193.24 मीटर है। अधिक वर्षा के कारण जलस्तर बढ़ने पर बांध की सुरक्षा के लिए आवश्यकतानुसार गेट खोले जा सकते हैं।

गेट खुलने की स्थिति में बांध से निकलने वाला पानी रेणु नदी के माध्यम से करीब 11 किलोमीटर की दूरी तय कर सोन नदी में प्रवाहित होगा, जिससे नदी के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने चकाड़ी, गुरुच, महलपुर, गोठानी, खैरटिया, बर्दिया और सिंदुरिया समेत तटवर्ती गांवों के नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। चंचलिया पनारी के गुडूर व चकाड़ी टोला, खेवंधा तथा बिल्ली मारकुंडी के खैरटिया क्षेत्र के अलावा थाना जुगैल, ओबरा और चोपन क्षेत्र में नदी किनारे आबाद लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने लोगों से नदी, घाट, जलाशय और निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा बच्चों और बुजुर्गों को नदी के आसपास न जाने देने की अपील की है।

सायरन, लाउडस्पीकर अथवा प्रशासन-पुलिस की ओर से जारी किसी भी चेतावनी को गंभीरता से लेने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है। अधिकारियों ने अफवाहों से बचने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपदवासियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। आपात स्थिति में लोगों से नजदीकी पुलिस थाना, चौकी अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल सूचना देने को कहा गया है।
