संवाददाता@विजय अग्रहरी…..

श्रावण मास के अंतिम सोमवार को गुप्तकाशी शिवद्वार धाम में आस्था का महाजनसैलाब उमड़ पड़ा। भगवान उमामहेश्वर के जलाभिषेक के लिए रविवार अर्ध रात्रि के बाद 1:00 से ही कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो सोमवार रात्रि तक जारी रहा। देर शाम तक करीब 70 हजार कांवड़ियों समेत डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन और जलाभिषेक किया।
डाक बम कांवड़ियों की भीड़ विशेष आकर्षण का केंद्र रही। रात करीब एक बजे से डाक बम के पहुंचने के साथ जलाभिषेक का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह सोमवार देर रात तक चलता रहा। अंतिम सोमवार को करीब 10 हजार डाक बम कांवड़ियों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान पूरा शिवद्वार धाम हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंजता रहा।

सोमवार तड़के एक बजे मुख्य पुजारी सुरेश गिरी, सुभाष गिरी, शिवराज गिरी, अजय गिरी और सतीश गिरी ने भगवान भोले शंकर और माता पार्वती की मंगला आरती की। इसके बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सबसे पहले डाक बम कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। इसके बाद आम श्रद्धालुओं और कांवड़ियों द्वारा जलाभिषेक का क्रम शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा।

विजयगढ़ के श्रीराम सरोवर और मिर्जापुर की गंगा नदी से कांवड़ में जल भरकर बड़ी संख्या में कांवड़िए शिवद्वार पहुंचे। तेज बारिश और रिमझिम फुहारों के बीच भी कांवड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ। मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के अलावा सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही और प्रयागराज से बड़ी संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक करने पहुंचे।
कांवड़ यात्रा के दौरान 50 से अधिक आकर्षक झांकियां निकाली गईं। डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों पर कांवड़िए नाचते-गाते हुए शिवद्वार पहुंचे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पूरे मेला क्षेत्र की सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की गई।

अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल) ऋषभ रुनवाल, उप जिलाधिकारी घोरावल विशाल कुमार, सीओ घोरावल राजेश कुमार राय और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
शिवद्वार धाम के प्रधान पुजारी सुरेश गिरी ने बताया कि देर शाम तक करीब 60 हजार कांवड़ियों और 10 हजार डाक बम कांवड़ियों समेत डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन-पूजन और जलाभिषेक कर चुके थे।