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Gonda News: बोड़ा सब्जी की खेती किसानों के लिए फायदेमंद खेती हो सकती है. प्रगतिशील किसान पप्पू यादव भी इसी का फायदा उठा रहे हैं और खेती से अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं. उन्होंने आठवीं तक पढ़ाई की है. घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण इसके बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी.
गोंडा: बोड़ा यानी लोबिया की खेती किसानों के लिए अच्छी आमदनी का जरिया बन सकती है. इसकी फलियों की बाजार में मांग रहती है. गोंडा के प्रगतिशील किसान पप्पू यादव देशी वैरायटी के बोड़ा की खेती कर रहे हैं. उनका कहना है कि सही तरीके से खेती करने पर इस किस्म से अच्छी पैदावार ली जा सकती है.
लोकल 18 से बातचीत के दौरान किसान पप्पू यादव ने बताया कि उन्होंने आठवीं तक पढ़ाई की है. घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण इसके बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी. इसके बाद उन्होंने खेती-किसानी को अपना सहारा बनाया. अब वह बोड़ा की खेती कर रहे हैं और इसे आगे बढ़ाने की योजना है.
डेढ़ से दो बीघे में कर रहे बोड़ा की खेती
पप्पू यादव ने बताया कि इस समय वह करीब डेढ़ से दो बीघे में बोड़ा की खेती कर रहे हैं. भविष्य में खेती का रकबा और बढ़ाने की योजना है. उन्होंने बताया कि उन्हें बोड़ा की खेती करने का आइडिया अपने बड़े भाई से मिला. किसान ने बताया कि वह मचान विधि से बोड़ा की खेती कर रहे हैं. इस विधि में बेल को मचान का सहारा दिया जाता है. उनका कहना है कि इससे फसल को संभालना आसान होता है और रोग व कीट का प्रकोप भी कम हो सकता है. अच्छी देखभाल करने पर पैदावार भी बेहतर मिल सकती है.
डेढ़ फीट तक लंबी होती हैं फलियां
पप्पू यादव के मुताबिक, वह देशी वैरायटी के बोड़ा की खेती कर रहे हैं. इस किस्म की फलियां करीब एक से डेढ़ फीट तक लंबी हो जाती हैं. अच्छी स्थिति में फलियां इससे भी अधिक लंबी हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि फसल में समय-समय पर नाइट्रोजन, डीएपी और गोबर की खाद का इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने बताया कि बोड़ा की फसल तैयार होने के बाद इसकी बिक्री नवाबगंज सब्जी मंडी में की जाती है. बाजार में इसकी मांग रहने से किसानों को अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद रहती है.
15 से 20 हजार रुपये लागत
किसान के अनुसार, डेढ़ से दो बीघे में बोड़ा की खेती करने में करीब 15 से 20 हजार रुपये की लागत आई है. इससे 40 से 50 हजार रुपये तक की आमदनी होने की उम्मीद है. हालांकि बाजार भाव और पैदावार के आधार पर आमदनी कम या ज्यादा हो सकती है.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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