संवाददाता@अमिताभ मिश्रा…..

नगर स्थित अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय निर्मला कॉन्वेंट में मंगलवार को शिक्षक-अभिभावक उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों और अभिभावकों ने बच्चों के शैक्षिक एवं मानसिक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके व्यवहार और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई।

विद्यालय की प्रधानाचार्य सिस्टर रेजी ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चे अपने माता-पिता और परिवार के सदस्यों से देखकर बहुत कुछ सीखते हैं, इसलिए अभिभावकों को भी बच्चों के सामने अनावश्यक रूप से मोबाइल का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। यदि माता-पिता बच्चों को पर्याप्त समय नहीं देंगे तो वे अकेलापन महसूस कर सकते हैं और गलत दिशा में जाने की आशंका बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि घर का वातावरण बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए माता-पिता को बच्चों के सामने आपस में विवाद नहीं करना चाहिए। यदि परिवार संयुक्त है तो किसी भी सदस्य की दूसरे सदस्य के सामने बुराई करने से भी बचना चाहिए। इससे बच्चों के मन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

सिस्टर रेजी ने अभिभावकों से बच्चों को पर्याप्त समय देने और उनकी परेशानियों को समझने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों की तुलना कभी दूसरे बच्चों से नहीं करनी चाहिए। परिवार में दो या उससे अधिक बच्चे हों तो सभी के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए। बच्चे द्वारा कोई अच्छा कार्य करने पर उसकी सराहना और प्रोत्साहन करना चाहिए, ताकि उसका आत्मविश्वास बढ़े।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों की नियमित उपस्थिति उनकी पढ़ाई और अनुशासन के लिए बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में अभिभावकों ने भी शिक्षकों से बच्चों की प्रगति और समस्याओं को लेकर चर्चा की।







