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SONBHADRA। अनपरा थाना क्षेत्र में दो नाबालिग बच्चियों के साथ आपत्तिजनक व्यवहार और धमकाने के मामले में सोनभद्र पुलिस की त्वरित विवेचना एवं प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय ने अभियुक्त को कठोर सजा सुनाई है। मुकदमा दर्ज होने के करीब चार माह के भीतर न्यायालय ने अभियुक्त को आजीवन कारावास और कुल 73 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

पुलिस के अनुसार, 23 मार्च 2026 को एक व्यक्ति ने अनपरा थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसकी नौ और सात वर्ष की दो बेटियां घर पर रहती हैं। घर आने-जाने वाला अली फैयाज उर्फ फैज, निवासी गढ़वा झारखंड, हाल पता अशोका नगर अनपरा, पेशे से इलेक्ट्रीशियन है। आरोप था कि वह करीब एक वर्ष से दोनों बच्चियों के साथ अनुचित स्पर्श करता था और उन्हें डराता-धमकाता था। बच्चियों द्वारा घटना की जानकारी अपनी चाची को दिए जाने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

पुलिस के मुताबिक मामले की विवेचना तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार राय ने की। गंभीरता को देखते हुए विवेचना महज 10 दिन में पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया गया। साक्ष्यों का संकलन, गवाहों के बयान और अन्य विधिक कार्रवाई समयबद्ध तरीके से पूरी की गई।

11 अगस्त 2026 को न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास और 60 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 10 के तहत पांच वर्ष के कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड तथा बीएनएस की धारा 351(3) के तहत तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया गया है।

पुलिस ने बताया कि प्रभावी पैरवी, कोर्ट मोहर्रिर के समन्वय तथा मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी से अभियुक्त को सजा दिलाने में सफलता मिली।








