संवाददाता@बद्री प्रसाद….

सदर विकासखंड के न्याय पंचायत सलखन अंतर्गत मारकुंडी समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर वर्षों पुराने सार्वजनिक आवागमन मार्ग को कथित रूप से अवैध बाउंड्री निर्माण कर बंद किए जाने का विरोध जताया। ग्राम प्रधान उधम सिंह यादव के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए मार्ग को तत्काल बहाल कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि मारकुंडी, बलुई, बजरटोला, मधुबन, महअरिया और गुरदह गांवों के लोग कई पीढ़ियों से इस सार्वजनिक मार्ग का उपयोग करते आ रहे हैं। आरोप है कि रॉबर्ट्सगंज निवासी प्रशांत शुक्ला द्वारा पक्की बाउंड्री बनाकर रास्ता बंद कर दिया गया, जबकि बाउंड्री के किनारे मौजूद वैकल्पिक मार्ग को भी घेर लिया गया है। इससे स्कूली बच्चों, महिलाओं, किसानों और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार यही मार्ग विद्यालय, बाजार, अस्पताल, राशन की दुकान तथा मजदूरी के लिए आने-जाने का मुख्य रास्ता है। दूसरी ओर नहर, पहाड़ी, गहरे गड्ढे और बरसाती नाला होने के कारण वैकल्पिक रास्ते से सुरक्षित आवागमन संभव नहीं है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाउंड्री निर्माण शुरू होने पर जिलाधिकारी, एसओसी चकबंदी, उपजिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज समेत अन्य अधिकारियों को शिकायत दी गई थी। उनका कहना है कि निर्माण रोकने के निर्देश दिए गए, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही कुछ पुलिसकर्मियों पर धरना दे रहे ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सार्वजनिक नाले की भूमि पर मिट्टी डालकर बाउंड्री का निर्माण कराया गया है, जिससे वर्षों पुराना रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। उन्होंने संबंधित भूमि की पैमाइश कराकर यदि सार्वजनिक मार्ग या नाले की भूमि पर अतिक्रमण पाया जाए तो उसे तत्काल हटाने और मारकुंडी मुख्य मार्ग से बलुई गांव तक आवागमन बहाल कराने की मांग की है।

प्रदर्शन में ग्राम प्रधान मारकुंडी उधम सिंह यादव, ग्राम प्रधान केवटा शीला देवी, श्याम सिंह गोड़, कौलेश्वर, अमरनाथ, रामलखन, राजकुमार, बनारसी, लीलावती देवी, सुनीता, सीता, पार्वती, राधिका, कमलावती, राजकुमारी, फूलवंती, सुगवंती, पूनम, चंद्रावती, लखवंती सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण मौजूद रहे।
हालांकि, इस मामले में प्रशासन या आरोपित पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





