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Deepika Sehrawat scores 9 goals: भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपना अजेय अभियान जारी रखते हुए पूल-बी में थाईलैंड को 20-1 से करारी शिकस्त दी. स्टार ड्रैग-फ्लिकर दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर से रिकॉर्ड 9 गोल दागे. नवनीत कौर ने 4, ऋतुजा पिसाल ने हैट्रिक जमाई और कप्तान सलीमा टेटे सहित अन्य खिलाड़ियों ने भी गोल किए. उज्बेकिस्तान को 19-0 और इंडोनेशिया को 17-1 से हराने के बाद भारत तालिका में शीर्ष पर है. अब शुक्रवार को भारत का सामना जापान से होगा.
भारतीय महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल के नजदीक पहुंची.
नई दिल्ली. भारतीय महिला हॉकी टीम का एशियन गेम्स 2026 में अजेय अभियान जारी है. गिफू प्रेफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए पूल-बी के एक एकतरफा मुकाबले में भारत ने थाईलैंड को 20-1 के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी. पूरे 60 मिनट के खेल में भारतीय फॉरवर्ड्स का दबदबा इस कदर हावी रहा कि थाईलैंड का रक्षात्मक ढांचा पूरी तरह बिखर गया.
भारतीय टीम की इस रिकॉर्डतोड़ जीत की सबसे बड़ी स्टार ड्रैग-फ्लिकर और फॉरवर्ड दीपिका सहरावत (Deepika Sehrawat) रहीं. उन्होंने अकेले दम पर विपक्षी टीम के गोलपोस्ट पर धावा बोलते हुए मैच में कुल 9 गोल दागे. खास बात यह रही कि दीपिका के ये सभी नौ गोल पेनल्टी कॉर्नर के जरिए आए. उनकी इस बेहतरीन ड्रैग-फ्लिक क्षमता के आगे थाईलैंड की गोलकीपर और डिफेंडर्स पूरी तरह बेबस नजर आए. दीपिका के अलावा नवनीत कौर ने अपने शानदार मैदानी कौशल का प्रदर्शन करते हुए 4 गोल किए. वहीं, युवा खिलाड़ी ऋतुजा पिसाल ने अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए 3 गोल टीम के खाते में जोड़े. कप्तान सलीमा टेटे, नेहा, लालरेमसियामी और साक्षी राणा ने भी 1-1 गोल कर भारत का स्कोर 20 तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.
मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रणनीति
मैच की शुरुआत से ही कोच जोर्ड मारिन की देखरेख में खेल रही भारतीय टीम ने बेहद आक्रामक रणनीति अपनाई. सीटी बजते ही भारतीय खिलाड़ियों ने थाईलैंड के हाफ में दबाव बनाना शुरू कर दिया था. शुरुआती गोलों की झड़ी ने थाईलैंड के मनोबल को मैच के पहले ही क्वार्टर में तोड़ दिया. भारतीय मिडफील्डर्स ने गेंद पर अपना पूरा नियंत्रण बनाए रखा और फॉरवर्ड लाइन को लगातार सटीक पासे दिए.
थाईलैंड का इकलौता सांत्वना गोल
पहले तीन क्वार्टरों तक भारत का दबदबा ऐसा था कि थाईलैंड की टीम भारतीय गोलपोस्ट तक पहुंचने में भी संघर्ष करती दिखी. हालांकि, मैच के चौथे क्वार्टर के आखिरी मिनटों में थाईलैंड को थोड़ी राहत मिली. खेल खत्म होने से कुछ समय पहले थाईलैंड को एक पेनल्टी कॉर्नर मिला. सुपांसा सामान्सो की ड्रैग-फ्लिक भारतीय डिफेंडर से थोड़ी डिफ्लेक्ट होकर गोलपोस्ट में चली गई, जिससे थाईलैंड मैच में अपना एकमात्र सांत्वना गोल करने में सफल रहा.
गोल अंतर में जबरदस्त बढ़त
यह जीत एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला टीम के दबदबे को साफ बयां करती है. इससे पहले भी भारत ने टूर्नामेंट में अपना दबदबा दिखाते हुए उज्बेकिस्तान को 19-0 और इंडोनेशिया को 17-1 से हराया था. थाईलैंड पर मिली 20-1 की इस जीत ने भारत के गोल अंतर को बेहद मजबूत कर दिया है.
जापान के खिलाफ अगला बड़ा मुकाबला
लगातार तीन बड़ी जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम अब पूल-बी में शीर्ष स्थान पर मजबूती से काबिज है. इस धमाकेदार प्रदर्शन के बाद भारत का अगला मुकाबला शुक्रवार को मेजबान जापान से होगा. जापान के खिलाफ होने वाला यह मैच पूल स्टेज का सबसे अहम मुकाबला माना जा रहा है.
1982 का इतिहास दोहराने पर नजरें
भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2023 में हुए हांगझोउ एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता था. इस बार टीम का एकमात्र लक्ष्य अपने पदक का रंग बदलकर स्वर्ण जीतना है. भारत ने एशियन गेम्स में महिला हॉकी का पहला स्वर्ण पदक 1982 में दिल्ली में आयोजित उद्घाटन संस्करण में जीता था. उसके बाद से भारत को दूसरे स्वर्ण पदक का इंतजार है. जिस लय और आक्रमण के साथ यह टीम मैदान पर खेल रही है, उसे देखकर लग रहा है कि 1982 का इतिहास दोहराने का यह सबसे सुनहरा मौका है.
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कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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