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क्रिकेट के मैदान पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर वीरेंद्र सहवाग अब एक नए मैदान में नजर आने वाले हैं. सहवाग जल्द ही रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल’ को होस्ट करते दिखाई देंगे. यहां उनके सामने गेंद और बल्ला नहीं, बल्कि अलग-अलग सोच और स्वभाव वाले कंटेस्टेंट होंगे. सहवाग का कहना है कि क्रिकेट में करीब 20 साल तक अलग-अलग तरह के लोगों के साथ काम करने का उनका अनुभव इस शो में काफी काम आएगा.
नई दिल्ली. सहवाग ने बताया कि जब पहली बार उन्हें शो होस्ट करने का ऑफर मिला था, तो उन्होंने इसे करने से साफ मना कर दिया था. उन्हें लगा था कि वह रियलिटी शो होस्ट नहीं कर पाएंगे. हालांकि, दूसरी मुलाकात में मेकर्स ने उन्हें शो के कुछ क्लिप दिखाए और समझाया कि उन्हें किसी दूसरे होस्ट की नकल करने की जरूरत नहीं है. उन्हें कैमरे के सामने भी वैसा ही रहना है, जैसे वह क्रिकेट के मैदान पर रहते थे.
सहवाग ने बताया कि मेकर्स की यही बात उन्हें पसंद आई. उन्हें भरोसा दिया गया कि रिकॉर्डिंग के दौरान पूरी टीम उनकी मदद करेगी. इसके बाद उन्होंने शो के लिए हामी भर दी. सहवाग ने कहा कि उन्हें ‘राइज एंड फॉल’ का अमीर और गरीब वाला कॉन्सेप्ट काफी दिलचस्प लगा. उन्होंने बताया कि क्रिकेट कमेंट्री के दौरान भी वह अक्सर अलग-अलग टीमों और खिलाड़ियों के बीच के अंतर पर बात करते रहे हैं. हालांकि, उनका मानना है कि क्रिकेट और एंटरटेनमेंट दो अलग-अलग चीजें हैं, लेकिन दोनों जगह लोगों को समझने का अनुभव काम आता है. सहवाग के मुताबिक, अगर वह शो को अपने ही अंदाज में होस्ट करेंगे तो दर्शकों को भी कुछ अलग देखने को मिलेगा.
हर इंसान के साथ अलग तरह से करना पड़ता है व्यवहार
सहवाग ने अपने क्रिकेट करियर का उदाहरण देते हुए बताया कि करीब 20 साल के दौरान उनका सामना अलग-अलग स्वभाव के लोगों से हुआ. उन्होंने कहा कि मैदान पर वह हमेशा आक्रामक अंदाज में नहीं खेलते थे. टेस्ट मैच में कई बार टीम को बचाने के लिए डिफेंस करना पड़ता था, जबकि वनडे में भी कभी-कभी पारी की रफ्तार धीमी करनी पड़ती थी. उनका कहना है कि जिंदगी भी कुछ ऐसी ही है. हर इंसान का स्वभाव अलग होता है. कोई जल्दी गुस्सा हो जाता है, कोई शांत रहता है, कोई प्यार से बात करता है तो कोई छोटी-सी बात पर भी आक्रामक हो जाता है. ऐसे में सामने वाले व्यक्ति को समझकर उसी के हिसाब से व्यवहार करना जरूरी होता है.
कंटेस्टेंट्स के साथ अपनाएंगे अपना तरीका
सहवाग ने ‘राइज एंड फॉल’ को एक तरह का मनोविज्ञान बताया. उन्होंने कहा कि क्रिकेट टीम में रहते हुए अलग-अलग खिलाड़ियों की सोच और व्यवहार को समझने का जो अनुभव मिला, वह अब कंटेस्टेंट्स के साथ काम आएगा. उन्होंने बताया कि वह कंटेस्टेंट्स के व्यवहार को देखकर समझने की कोशिश करेंगे कि किससे किस तरह बात करनी है और किस परिस्थिति में कौन सी रणनीति अपनानी है. सहवाग के मुताबिक, शुरुआत में वह कंटेस्टेंट्स को प्यार से समझाने की कोशिश करेंगे. जरूरत पड़ने पर डांट भी सकते हैं. उनके लिए यही शो की चुनौती और मजेदार हिस्सा होगा. उन्होंने साफ किया कि उनके पास कोई ऐसी स्क्रिप्ट नहीं है, जिसे कैमरे के सामने रटकर बोलना पड़े. वह सामने वाले व्यक्ति और परिस्थिति के हिसाब से अपनी बात रखेंगे.
नियम तोड़े तो सख्ती भी दिखाएंगे
शो में कंटेस्टेंट्स को कुछ तय नियमों के अंदर रहना होगा. उन्हें टास्क समझकर करना होगा और एक-दूसरे के साथ गाली-गलौज या बेवजह लड़ाई से बचना होगा. सहवाग ने कहा कि अगर कोई कंटेस्टेंट बार-बार समझाने के बावजूद नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसे शो से बाहर भेजने का अधिकार होस्ट के पास होगा. हालांकि, वह पहले कंटेस्टेंट को एक-दो मौके जरूर देंगे. इसके बाद भी अगर कोई अपनी हरकत नहीं बदलता है, तो वह सख्ती भी कर सकते हैं. रियलिटी शोज की बढ़ती लोकप्रियता को लेकर सहवाग ने कहा कि इस बारे में शो के प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और चैनल ज्यादा बेहतर बता सकते हैं. उन्होंने माना कि उन्होंने खुद बहुत ज्यादा रियलिटी शोज नहीं देखे हैं.
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न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…
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