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Sonbhadra। ओबरा नगर क्षेत्र में भारी मालवाहक वाहनों के लगातार आवागमन से बढ़ रही दुर्घटनाओं की आशंका, ध्वनि एवं वायु प्रदूषण को लेकर स्थानीय नागरिकों ने उप जिलाधिकारी ओबरा को ज्ञापन सौंपकर दिन के समय भारी वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि ओबरा ताप विद्युत परियोजना से निकलने वाली राख के परिवहन के लिए 16, 18 एवं 22 चक्का वाले भारी वाहन नगर क्षेत्र से होकर चौबीसों घंटे गुजर रहे हैं। इन वाहनों के निरंतर संचालन से नगरवासियों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

नागरिकों का कहना है कि जिन मार्गों से ये भारी वाहन गुजरते हैं, वहां चिल्ड्रेन पार्क, इंटर कॉलेज, ओबरा अस्पताल, डिग्री कॉलेज तथा आवासीय कॉलोनियां स्थित हैं। ऐसे में विद्यार्थियों, मरीजों, बुजुर्गों एवं आम नागरिकों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। इसके अलावा भारी वाहनों के कारण ध्वनि एवं वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है, जिससे लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से उप जिलाधिकारी से मांग की गई है कि नगर क्षेत्र में भारी वाहनों के संचालन को सुबह 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक प्रतिबंधित किया जाए। नागरिकों ने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में नगर में भारी वाहनों के लिए दिन के समय नो-एंट्री व्यवस्था लागू थी, जिससे लोगों को काफी राहत मिलती थी।
ज्ञापनकर्ताओं ने प्रशासन से पूर्व की व्यवस्था को पुनः बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि इससे नगरवासियों को दुर्घटना, प्रदूषण और यातायात संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी।
इस अवसर पर बृजेश पाण्डेय, अनुज त्रिपाठी, उमेश शुक्ला, विकास सिंह, विनोद राय सहित अन्य नागरिक मौजूद रहे।





