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Gayatri Devi World Yogasana Champion Success Story: सीकर के मांडोता गांव की गायत्री देवी ने अहमदाबाद में आयोजित पहली विश्व योगासन चैम्पियनशिप में सीनियर सी महिला बैंक बेंडिंग इंडिविजुअल वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया. वे वर्तमान में राजस्थान पुलिस की 5वीं आरएसी बटालियन में हेड कांस्टेबल हैं. 45 वर्ष की उम्र में भी वे 14 घंटे ड्यूटी के बाद रात 10 से 12 बजे तक योग अभ्यास करती हैं. उन्होंने 21 पदक जीते हैं और पहले एशियन चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है. उनकी कहानी अनुशासन, समर्पण और महिला सशक्तिकरण की मिसाल है.

सीकर जिले के मांडोता गांव की रहने वाली गायत्री देवी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है. अहमदाबाद में आयोजित पहली विश्व योगासन चैम्पियनशिप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सीनियर सी महिला बैंक बेंडिंग इंडिविजुअल वर्ग में गोल्ड मेडल हासिल किया. उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है. गायत्री देवी वर्तमान में राजस्थान पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं. कठिन ड्यूटी के बावजूद योग के प्रति उनकी लगन और निरंतर अभ्यास ने उन्हें यह बड़ी सफलता दिलाई है. उनकी जीत युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है.

योगासन चैम्पियनशिप में नेपाल की जानुका भट्टाराई ने रजत तथा बोत्सवाना की खिलाड़ी ने कांस्य पदक जीता. गायत्री वर्तमान में जयपुर स्थित 5वीं आरएसी बटालियन में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं. 45 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने अनुशासन, मेहनत और समर्पण का उदाहरण पेश किया है. खास बात यह है कि गायत्री 14 घंटे पुलिस ड्यूटी के बाद रात 10 से 12 बजे तक योगासन का अभ्यास करती हैं. उनकी यह दिनचर्या उनकी लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाती है. उनकी इस उपलब्धि से न केवल राजस्थान बल्कि पूरा देश गौरवान्वित हुआ है.

गायत्री ने बताया कि उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई अपने गांव मांडोता में की. इसके बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई सीकर के मारू स्कूल से पूरी की. उन्होंने कृष्णा कॉलेज से बीए और हिंदी में एमए की डिग्री हासिल की. वर्ष 1999-2000 में वे छात्रसंघ चुनाव जीतकर अध्यक्ष भी रहीं. इसके बाद उन्होंने पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी शुरू की और वर्ष 2003 में राजस्थान पुलिस में चयनित हुईं. शिक्षा, नेतृत्व और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने जीवन में लगातार सफलता हासिल की.
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गायत्री इससे पहले एशियन योगासन स्पोटर्स चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. दिल्ली में हुई इस चैम्पियनशिप में गायत्री ने स्वर्ण और रजत पदक जीता था. योगासन और विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गायत्री देवी अब तक 12 स्वर्ण, 8 रजत और एक कांस्य सहित कुल 21 पदक अपने नाम कर चुकी हैं. वर्ष 2019 से राजस्थान पुलिस योगा टीम के लिए भी वे लगातार सफलता हासिल कर रही हैं.

गायत्री महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं. वे मार्शल आर्ट ट्रेनर के रूप में स्कूल व कॉलेजों में बालिकाओं को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण दे रही हैं. विश्व चैंपियन बनने के बाद गायत्री देवी ने अपनी सफलता का श्रेय पति, परिवार, माता-पिता तथा राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशिक्षकों को दिया. उनका कहना है कि वे आगे भी ऐसे ही देश के लिए मेडल लाएगी और रिकॉर्ड बनाएगी.

गायत्री देवी ने बताया कि उन्हें रोज करीब 14 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है. इसके बाद वे रात 10 बजे से 12 बजे तक योग का अभ्यास करती हैं. इस पूरे सफर में उनके पति सुभाष गिठाला भी उनका पूरा साथ देते हैं. गायत्री देवी की यह कहानी साबित करती है कि उम्र सपनों की मोहताज नहीं होती. 45 वर्ष की उम्र में भी वे पूरी तरह फिट और ऊर्जावान हैं. लगातार मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने उन्हें यह मुकाम दिलाया है. उनकी दिनचर्या युवाओं के लिए प्रेरणा है कि कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.






