नोवाक जोकोविच का विंबलडन 2026 में सफर खत्म हो गया है। शुक्रवार को उन्हें सिनर ने सेमीफाइनल में मात दी। अलेक्जेंडर ज्वेरेव और यानिक सिनर के बीच खिताबी मुकाबला खेला जाएगा।
दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी यानिक सिनर ने शुक्रवार को नोवाक जोकोविच को विंबलडन के सेमीफाइनल में हराकर फाइनल में जगह बना ली है, जहां उनका सामना फ्रेंच ओपन चैंपियन अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। उन्होंने आर्थर फेरी को मात दी। मौजूदा चैंपियन यानिक सिनर मैच की शुरुआत से ही सात बार के विंबलडन विजेता नोवाक जोकोविच पर भारी नजर आए। उन्होंने शुरुआती दो सेट में आराम से जीत हासिल की और फिर तीसरे सेट में दोनों के बीच अच्छी टक्कर देखने को मिली। हालांकि सिनर ने फिर बाजी मारी। उन्होंने सेमीफाइनल में जोकोविच को 6-4, 6-4, 6-4 से हराया।
पहली बार विंबलडन फाइनल में पहुंचे ज्वेरेव
फ्रेंच ओपन में पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के महज एक महीने बाद जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव अब विंबलडन के फाइनल में पहुंच गए हैं। ऑल इंग्लैंड क्लब में शुक्रवार को खेले गए पुरुष एकल सेमीफाइनल में उन्होंने ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी के शानदार अभियान का अंत किया। दूसरी वरीयता प्राप्त 29 साल के इस खिलाड़ी ने विश्व रैंकिंग में 114वें स्थान पर काबिज फेरी पर 7-6, 6-2, 6-4 से जीत दर्ज की।
इस जीत के बाद ज्वेरेव ने कहा, ”विम्बलडन हमेशा मेरे लिए सबसे कठिन ग्रैंड स्लैम रहा है और अब मैं इसके फाइनल में हूं। रविवार को अभी एक मुकाबला और बाकी है, फिलहाल पूरा ध्यान उसी पर है।” ज्वेरेव अब पेशेवर युग (1968 के बाद) में ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बनने की कोशिश में हैं, जो अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीतने के तुरंत बाद अगले ही ग्रैंड स्लैम का खिताब भी अपने नाम करे।
फेरी को मिला फैंस का सपोर्ट
फेरी का घर ऑल इंग्लैंड क्लब से थोडी ही दूरी पर है। घरेलू दर्शकों का पूरा समर्थन फेरी को मिल रहा था, लेकिन ज्वेरेव ने शुरुआत से ही मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा। पहले सेट के टाईब्रेक में फेरी की शुरुआती डबल फॉल्ट ने जर्मनी के खिलाड़ी को निर्णायक बढ़त दिला दी। लगभग छह फुट छह इंच लंबे ज्वेरेव ने अपनी दमदार सर्विस से भी दबदबा बनाए रखा। उनकी सर्विस की रफ्तार 224 किमी प्रति घंटा तक पहुंची, फेरी की सर्विस करीब 193 किमी प्रति घंटा रही।
ज्वेरेव इससे पहले कभी विम्बलडन के चौथे दौर से आगे नहीं बढ़ पाए थे। अब वह 1995 के बाद विम्बलडन फाइनल में पहुंचने वाले जर्मनी के पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। 1995 में बोरिस बेकर फाइनल में पीट सैम्प्रास से हार गए थे।
विम्बलडन का पुरुष एकल खिताब जीतने वाले जर्मनी के पिछले खिलाड़ी माइकल स्टिच थे, जिन्होंने 1991 के फाइनल में बोरिस बेकर को हराया था।







