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Mirra Andreeva won prize money 27.7 crore: फ्रेंच ओपन 2026 के महिला सिंगल्स मुकाबले ने टेनिस इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है. रूस की युवा सनसनी मिरा एंड्रीवा ने पोलैंड की खिलाड़ी माया च्वॉलिन्स्का के ‘ड्रीम रन’ को रोकते हुए अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम कर लिया. चैंपियन एंड्रीवा ने करोड़ों रुपये की इनामी राशि के साथ टेनिस की नई मल्लिका के रूप में खुद को स्थापित किया, वहीं क्वालीफायर के रूप में आईं च्वॉलिन्स्का फाइनल हारने के बावजूद अपनी लाइफ-चेंजिंग प्राइज मनी के कारण हर तरफ चर्चा में हैं.

रूस की युवा टेनिस स्टार मीरा एंड्रीवा (Mirra Andreeva) ने अपनी अविश्वसनीय खेल प्रतिभा और मानसिक मजबूती का प्रदर्शन करते हुए फ्रेंच ओपन 2026 का महिला सिंगल्स खिताब जीत लिया है. यह उनके करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब है. पूरे टूर्नामेंट में अपने आक्रामक और सधे हुए खेल से विरोधियों को पस्त करने वाली एंड्रीवा ने फाइनल के सबसे बड़े मंच पर भी अपना आपा नहीं खोया और बेहद संयमित प्रदर्शन करते हुए इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर कब्जा जमाया.

इस साल पेरिस में पोलैंड की माया च्वॉलिन्स्का (Maja Chwalinska) की कहानी किसी परीकथा जैसी रही. उन्होंने मुख्य ड्रॉ में सीधे जगह नहीं बनाई थी, बल्कि वे एक क्वालीफायर के रूप में फ्रेंच ओपन खेलने पहुंची थीं. क्वालीफाइंग राउंड से शुरुआत करके दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को एक के बाद एक धूल चटाते हुए फाइनल तक पहुंचना टेनिस इतिहास के सबसे बड़े चमत्कारों में से एक माना जा रहा है. भले ही वह फाइनल हार गईं, लेकिन उन्होंने दुनिया भर के खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया.

चैंपियनशिप के इस महामुकाबले में रोमांच की उम्मीद थी, लेकिन मीरा एंड्रीवा ने मैच पर शुरुआत से ही अपनी पकड़ मजबूत कर लें. उन्होंने च्वॉलिन्स्का को संभलने का कोई मौका नहीं दिया और बेहद एकतरफा अंदाज में इस मैच को 6-3, 6-2 से जीत लिया. एंड्रीवा के सटीक शॉट्स और बेहतरीन बेसलाइन गेम के सामने च्वॉलिन्स्का का जादू फाइनल में नहीं चल सका, और एंड्रीवा ने सीधे सेटों में खेल समाप्त कर दिया.
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भले ही माया च्वॉलिन्स्का को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन वे पेरिस से अपना सिर ऊंचा करके विदा हुईं. एक क्वालीफायर के लिए ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचना उनके करियर को एक नई ऊंचाई पर ले गया है. इस शानदार प्रदर्शन के दम पर न सिर्फ उनकी रैंकिंग में भारी उछाल आएगा, बल्कि उन्हें वो लाइफ-चेंजिंग प्राइज मनी भी मिली है जो उनके पूरे टेनिस करियर और भविष्य को बदल कर रख देगी.

रोलां गैरो ने इस साल अपनी प्रगतिशील लैंगिक समानता नीतियों को और मजबूती से लागू किया. इसके तहत महिला सिंगल्स की चैंपियन और उपविजेता को उनके पुरुष समकक्षों के बिल्कुल बराबर पुरस्कार राशि दी गई. खेल जगत में वेतन और पुरस्कार राशि की असमानता को दूर करने की दिशा में फ्रेंच ओपन का यह कदम बेहद सराहनीय है, जिससे महिला खिलाड़ियों को उनका वास्तविक हक मिल रहा है.

इस टूर्नामेंट से पहले, माया च्वॉलिन्स्का ने अपने पूरे करियर में कुल मिलाकर $864,030 (लगभग 8.20 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि अर्जित की थी. लेकिन फ्रेंच ओपन 2026 के फाइनल में पहुंचते ही उन्होंने इतिहास रच दिया. उन्होंने इस अकेले टूर्नामेंट में इतनी बड़ी रकम हासिल कर ली, जो उनके अब तक के पूरे जीवन की कुल कमाई से भी कहीं अधिक है. यह दिखाता है कि एक बड़ा टूर्नामेंट किसी खिलाड़ी की किस्मत कैसे बदल सकता है.

प्राइज मनी पर नजर डालें तो विजेता और उपविजेता दोनों को ही भारी-भगकम रकम मिली है. खिताबी जीत दर्ज करने वाली मीरा एंड्रीवा को पुरस्कार स्वरूप 2.8 मिलियन यूरो मिले, जो लगभग 3.28 मिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब 27.7 करोड़ रुपये होते हैं. वहीं, उपविजेता रहीं माया च्वॉलिन्स्का को 1.4 मिलियन यूरो की राशि मिली, जो लगभग 1.64 मिलियन डॉलर यानी करीब 13.9 करोड़ रुपये के बराबर है.

टूर्नामेंट के अन्य दौरों में बाहर होने वाले खिलाड़ियों को भी इस बार बंपर इनामी राशि मिली है. सेमीफाइनल में पहुंचने वाली डायना श्नाइडर और मार्ता कोस्त्युक में से प्रत्येक को 750,000 यूरो (लगभग 877,500 डॉलर / 7.4 करोड़ रुपये) मिले. क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय करने वाले खिलाड़ियों को 470,000 यूरो (लगभग 550,000 डॉलर / 4.7 करोड़ रुपये) की गारंटी दी गई. इसके अलावा, जो खिलाड़ी प्री-क्वार्टर फाइनल यानी राउंड ऑफ 16 में बाहर हुए, वे भी खाली हाथ नहीं लौटे और उन्हें 285,000 यूरो (लगभग 333,000 डॉलर / 2.8 करोड़ रुपये) मिले.

ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद ट्रॉफी हाथ में लेकर मीरा एंड्रीवा काफी भावुक नजर आईं. अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, ‘इस टूर्नामेंट को जीतना मेरा एक बहुत बड़ा सपना था. मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी मेरे हाथों में है.’ एंड्रीवा की बातों से साफ था कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कितनी कड़ी मेहनत की थी और उनके लिए इस ग्रैंड स्लैम के क्या मायने हैं.

एक महान चैंपियन की तरह मीरा एंड्रीवा ने कोर्ट पर अपनी प्रतिद्वंद्वी माया च्वॉलिन्स्का की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा, सबसे पहले माया को इन अद्भुत तीन हफ्तों के लिए बहुत-बहुत बधाई. क्वालीफाइंग राउंड से निकलकर इतने सारे मैच जीतना और इतने बेहतरीन खिलाड़ियों को हराना वाकई काबिलेतारीफ है. आपकी टीम को भी बधाई, आप लोगों ने अद्भुत काम किया है. माया, तुम एक बेहद चालाक और कठिन प्रतिद्वंद्वी हो, मैं तुम्हारे खिलाफ दोबारा नहीं खेलना चाहूंगी (हंसते हुए). मैं तुम्हें इस सीजन के बाकी मैचों के लिए शुभकामनाएं देती हूं और उम्मीद करती हूं कि हम भविष्य में साथ में ऐसे कई और फाइनल खेलेंगे.’






