भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने जापान ओपन जीतकर इतिहास रचा है। पीवी सिंधू के ऐतिहासिक खिताब पर PM मोदी ने रिएक्ट किया है। सिंधू का पिछला खिताब दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल में आया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू को जापान ओपन 2026 का खिताब जीतने पर रविवार को बधाई देते हुए इसे भारतीय बैडमिंटन के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। सिंधू ने रविवार को टोक्यो में खेले गए फाइनल में जीत दर्ज कर जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने जापान की स्टार और तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराकर खिताब अपने नाम किया।
‘उपलब्धि को और भी विशेष बनाया’
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”भारतीय बैडमिंटन के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। जापान ओपन 2026 का खिताब जीतने पर पीवी सिंधू को हार्दिक बधाई। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उनके दृढ़ संकल्प और शानदार खेल का प्रदर्शन देखने को मिला।” उन्होंने कहा कि सिंधू का इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनना इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाता है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि सिंधू की यह सफलता देशभर के अनगिनत युवा खिलाड़ियों को खेलों में आगे बढ़ने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।
अटूट आत्मविश्वास का फल मिला
जापान ओपन में छह वर्षों में अपना सबसे बड़ा खिताब जीतने के बाद भावुक हुई पीवी सिंधू ने कहा कि आखिरकार अटूट आत्मविश्वास का फल मिला और अब उनका लक्ष्य अगले महीने होने वाली विश्व चैंपियनशिप में इसी लय और संयम को बनाए रखना है जिसमें वह रिकॉर्ड छठा पदक जीतने की कोशिश करेंगी। करीब दो साल के खिताबी सूखे को समाप्त करने के बाद भावुक सिंधू ने कहा, ”मेरी आंखों में आंसू थे क्योंकि मेरे लिए यह जीत बहुत महत्वपूर्ण थी। मैं लंबे समय से खुद पर बहुत मेहनत कर रही थी और पूरी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर रही थी।”
‘बहुत से लोग सवाल उठा रहे थे कि…’
सिंधू का पिछला खिताब दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल में आया था। टोक्यो में मिली यह जीत 2019 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने 2022 में सिंगापुर ओपन सुपर 500 का खिताब भी जीता था। उन्होंने कहा, ”मेरे पास बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं क्योंकि पिछली बार खिताब जीते हुए 19 महीने हो गए थे। मुझे हमेशा विश्वास था कि मैं यह कर सकती हूं। बहुत से लोग सवाल उठा रहे थे कि क्या हो रहा है, क्या सब खत्म हो गया है, लेकिन मैंने खुद पर भरोसा बनाए रखा। मैं अपने परिवार, अपने कोच और पूरे सहयोगी स्टाफ का धन्यवाद करना चाहती हूं।” इस जीत के साथ ही भारत में 17 से 23 अगस्त तक होने वाली विश्व चैंपियनशिप में सिंधू से रिकॉर्ड छठे पदक की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।






