दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के ‘संसद चलो’ मार्च में हुई हिंसा के मामले में 4 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान के लिए 250 से अधिक वीडियो फुटेज की जांच की है। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई हिंसा, तोड़फोड़ और अन्य घटनाओं के संबंध में दिल्ली पुलिस ने ऐक्शन लेने शुरू कर दिए हैं। दिल्ली पुलिस ने उपद्रव और हिंसा को लेकर अब तक चार प्राथमिकियां दर्ज की हैं। पुलिस दो अन्य केस भी दर्ज करने की प्रक्रिया में है। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की जांच कई एंगल पर चल रही है।
ड्रोन उड़ाने और हिंसा के पीछे साजिश से जुड़े केस
पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सूत्र ने बताया कि एक FIR कनॉट प्लेस स्थित रीगल सिनेमा के पास हुई हिंसा,पत्थरबाजी और उपद्रव के संबंध में दर्ज की गई है जबकि अन्य मामले गैर-कानूनी तरीके से जमा होने, संसद सत्र के दौरान बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने और हिंसा के पीछे कथित साजिश से जुड़े हैं। ये मामले संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और अन्य थानों में दर्ज किए गए हैं।
इन धाराओं में केस
पीटीआई के अनुसार, संसद मार्ग थाने में दर्ज FIR बीएनएस की धारा 223(बी) (कानूनी आदेशों की अवज्ञा); धारा 221 (लोक सेवक को उसके कर्तव्यों के पालन में बाधा डालना); धारा 132 (लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग); धारा 121(1) (गैर-कानूनी सभा); धारा 189(3), 190, 191(2), 191(3) और 192 (गैर-कानूनी तरीके से एकत्र होने, दंगा करने और हिंसा से संबंधित); धारा 324(5), 109(1), 125 और 3(5) (सामान्य आशय से संबंधित); और धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज की गई है।
250 से फुटेज की छानबीन
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस कई एंगल पर जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। इसके लिए उसने 250 से अधिक वीडियो फुटेज की जांच की है। इनमें मोबाइल फोन क्लिप, CCTV फुटेज, ड्रोन फुटेज और पुलिस बॉडी कैमरों से ली गई तस्वीरें भी शामिल हैं। पुलिस बॉडी कैमरों से ली गई तस्वीरें एफआईआर में सबूत के तौर पर अहम भूमिका निभा सकती हैं।
हिंसा पहले से रची साजिश का नतीजा तो नहीं
वहीं एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने कथित हिंसा, पत्थरबाजी और तोड़-फोड़ के मामले में इस बात की भी छानबीन कर रही हैं कि कहीं यह हिंसा पहले से रची गई किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या नई दिल्ली में हिंसा से पहले भीड़ को जमा करने के लिए व्हाट्सएप या टेलिग्राम ग्रुप बनाए गए थे। इन ग्रुपों में क्या चल रहा था?
दो और केस दर्ज करने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और अन्य थानों में दर्ज किए गए मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), शस्त्र कानून और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के कई प्रावधानों को शामिल किया गया है। मारपीट, कानून अपने हाथ में लेने और अन्य संबंधित अपराधों के संबंध में दो और FIR तैयार की जा रही हैं।
पत्थरबाजी का फुटेज किया जारी
एएनआई के अनुसार, पुलिस ने कनॉट प्लेस इलाके में पत्थरबाजी का फुटेज भी जारी किया है। उसने कहा कि उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ियां तोड़ दी और कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में रीगल सिनेमा के पास पुलिस टीम पर पत्थरबाजी की। पत्थरबाजी के बाद सड़क पर ईंट पत्थर बिखर गए। इस घटना की जांच भी जारी है।







