संवाददाता@विशाल टंडन….

आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। इसका जीवंत उदाहरण विकास खण्ड करमा के ग्राम एवं पोस्ट केकराही निवासी किसान रमेश चन्द्र मौर्य हैं, जिन्होंने उद्यान विभाग की सहायता से ग्रीन हाउस (फैन पैड) तकनीक अपनाकर सफलता की नई कहानी लिखी है।
रमेश चन्द्र मौर्य ने बताया कि उन्हें उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी विज्ञापन के माध्यम से मिली। इसके बाद उन्होंने जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम से संपर्क किया। विभाग की ओर से उन्हें ग्रीन हाउस निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया गया तथा आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में उन्होंने 560 वर्गमीटर क्षेत्रफल में ग्रीन हाउस (फैन पैड) का निर्माण कराया, जिसकी कुल लागत लगभग 9.80 लाख रुपये आई।

इस पर उद्यान विभाग द्वारा 4.90 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया।फरवरी 2026 में ग्रीन हाउस का निर्माण पूरा होने के बाद उन्होंने इसमें ग्राफ्टेड सब्जियों की पौध तैयार करना शुरू किया। वर्तमान में बैंगन, टमाटर, मिर्च एवं फूलगोभी की ग्राफ्टेड पौध तैयार की जा रही है। अब तक लगभग एक लाख पौधों का उत्पादन किया जा चुका है। पौध उत्पादन पर करीब 9 लाख रुपये की लागत आई, जबकि पौधों की बिक्री से 12 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई।
इस प्रकार उन्हें लगभग 3 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है। रमेश मौर्य का कहना है कि ग्राफ्टेड पौधों की बाजार में काफी मांग है। इन पौधों में जंगली बैंगन के रूटस्टॉक का उपयोग किया जाता है, जिससे पौधों में रोगों का प्रकोप कम होता है और उनकी उत्पादन क्षमता सामान्य पौधों की तुलना में लगभग डेढ़ गुना अधिक होती है।

उन्होंने इस वर्ष 4 से 5 लाख ग्राफ्टेड पौधों के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे प्रतिवर्ष 12 से 15 लाख रुपये तक की आय होने की उम्मीद है। जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने बताया कि संरक्षित खेती और ग्रीन हाउस जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए विभाग किसानों को अनुदान और तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने कहा कि रमेश मौर्य की सफलता अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है और इससे क्षेत्र में आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा।





