संवाददाता@विशाल टंडन…..

लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न हो पाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रस्तावित विधेयक में लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया था। मतदान के दौरान बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पारित करने के लिए 352 मतों की आवश्यकता थी।
आवश्यक बहुमत न मिलने के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका। विधेयक के पारित न होने से नाराज भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने शनिवार को रॉबर्ट्सगंज के स्वर्ण जयंती चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पोस्टर पर कालिख पोती और चप्पलों से विरोध जताया।भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को अधिकार और सम्मान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसे रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस बिल को पारित नहीं होने दिया, जिससे देश की महिलाओं का अपमान हुआ है। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस मुद्दे को लेकर आक्रोशित हैं और आने वाले चुनावों में इसका जवाब देंगी।क्षेत्रीय उपाध्यक्ष कुसुम शर्मा ने भी विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विधेयक महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक कदम था, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर अपनी मानसिकता उजागर कर दी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को सम्मान देने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन विपक्ष इसमें बाधा डाल रहा है। प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष आशा विश्वकर्मा, तारा देवी, कंचन देवी, रितु अग्रहरि, रीता गुप्ता, अमरावती, चंद्रावती, लक्ष्मी, आशा देवी, मुन्नी सोनी, हीरावती, पार्वती, यशोदा, कमला, निर्मला, रानी, बरखा, सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं।