ओबरा/सोनभद्र.@सौरभ गोस्वामी……

ओबरा तहसील में आयोजित तहसील दिवस के दौरान जनहित से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठाए गए। सोन चेतना सामाजिक संगठन के संस्थापक अभिषेक अग्रहरी ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए ठेका श्रमिकों की समस्याओं और तापीय परियोजना से हो रहे प्रदूषण पर चिंता जताई।
तहसील दिवस के मौके पर ओबरा तहसील में एक महत्वपूर्ण शिकायती पत्र प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन में तापीय विद्युत परियोजना में कार्यरत ठेका श्रमिकों की स्थिति को प्रमुखता से उठाया गया।
बताया गया कि कई श्रमिकों को समय पर मजदूरी नहीं मिल रही है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके साथ ही श्रम कानूनों के पालन में लापरवाही, पारदर्शिता की कमी और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए।
वहीं तापीय परियोजना से निकलने वाली फ्लाई ऐश और दूषित जल के कारण क्षेत्रीय जल स्रोतों, खासकर रेणुका नदी के प्रदूषण का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने रखा गया।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यह प्रदूषण आगे चलकर सोन और गंगा नदी तंत्र को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे जनस्वास्थ्य और कृषि पर गंभीर असर पड़ सकता है।
प्रशासन के सामने श्रमिकों के बकाया भुगतान, श्रम कानूनों के पालन और क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा उठाया है। हमारी मांग है कि जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई हो, ताकि श्रमिकों को उनका हक मिले और पर्यावरण सुरक्षित रह सके।”