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मीराबाई चानू 2.O के नाम मशहूर मणिपुर की बिंदायारानी ने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. कॉमनवेल्थ गेम्स में बिंदियारानी का ये लगातार दूसरा मेडल था. बिंदिया ने 58 किलोभार वर्ग में ये मेडल अपने नाम किया. बिंदिया को शुरुआती दिनों में मीराबाई ने गाइड किया था. आइए जानते हैं कौन हैं बिंदिया रानी.
भारत की महिला वेटलिफ्टर बिंदियारानी
नई दिल्ली: ग्लास्गो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स में बिंदियारानी ने वेटलिफ्टिंग में लगातार दूसरी बार मेडल जीतकर कमाल कर दिया. 58 किग्रा भारवर्ग में बिंदिया ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है. बिंदिया ने 199 किग्रा भार उठाकर यह मेडल अपने नाम किया. इससे पहले 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी बिंदिया ने 55 किग्रा भारवर्ग में 202 किग्रा उठाकर सिल्वर मेडल जीता था. ऐसे में आइए जानते हैं कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार दो मेडल जीतने वाली बिंदियारानी की कहानी.
कौन हैं वेटलिफ्टर बिंदियारानी
बिंदियारानी मणिपुर की रहने वाली हैं. बिंदिया ने भी उसी एकेडमी से ट्रेनिंग ली है, जहाँ से ओलंपिक मेडलिस्ट मीराबाई चानू निकली हैं. यही कारण है कि बिंदिया को ‘मीराबाई चानू 2.0’ भी कहा जाता है. बिंदियारानी हमेशा से मीराबाई को अपना आदर्श मानती रही हैं. मीराबाई ने भी बिंदिया की एक सीनियर और मेंटर के रूप में हर तरह से मदद की.
बता दें कि जब बिंदियारानी अपने शुरुआती दिनों में पैसों की तंगी से जूझ रही थीं, तब चानू ने उनकी मदद की. हालात ऐसे थे कि बिंदिया के पास वेटलिफ्टिंग में इस्तेमाल होने वाले जूते खरीदने तक के पैसे नहीं थे. मीराबाई को जब यह पता चला तो उन्होंने बिंदिया को महंगे वेटलिफ्टिंग जूते खरीदकर दिए थे.
ट्रेनिंग में भी बिंदिया की मदद करती हैं मीराबाई चानू
आर्थिक मदद के अलावा बिंदियारानी को मीराबाई ने ट्रेनिंग में भी खूब मदद की है. उन्होंने बिंदियारानी को तकनीक, लिफ्टिंग स्टाइल और बारबेल मूवमेंट सुधारना सिखाया. इसके अलावा बिंदिया करियर की शुरुआत में डाइट को लेकर ज्यादा सतर्क नहीं थीं, तब मीराबाई ने न्यूट्रिशन, डाइट प्लान और एथलीट डिसिप्लिन बनाए रखने में व्यक्तिगत रूप से उनकी मदद की.
बिंदियारानी की प्रमुख उपलब्धियां
बिंदिया की प्रमुख उपलब्धियों की बात करें तो उन्होंने वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2021 में 55 किग्रा वर्ग की क्लीन एंड जर्क स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर सनसनी मचाई थी. इसके अलावा एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2023 में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था. साउथ एशियन गेम्स 2019 में भी उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया था.
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जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. इस वक्त नेटवर्क 18 समूह में हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, ह…
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