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gulveer singh creates history in cwg 2026: गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर रेस को 27:49.78 सेकेंड के समय के साथ पूरा किया और सिल्वर मेडल हासिल किया. इस स्पर्धा में ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 27:48.93 सेकेंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की ने 27:50.28 सेकेंड के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया.
गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास.
नई दिल्ली. बारिश से भीगे ट्रैक पर भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक ऐसा पल आया, जिसका इंतजार दशकों से था. गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 10,000 मीटर रेस में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए हैं. गुलवीर ने आखिरी लैप में गजब की रफ्तार दिखाते हुए चौथे स्थान से छलांग लगाई और पोडियम पर जगह बनाकर देश का नाम रोशन किया.
आखिरी लैप में किया कमाल
27 वर्षीय गुलवीर सिंह ने पूरी रेस में धैर्य बनाए रखा. शुरुआत में वह मेडल की दौड़ में बने रहे और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अपनी रफ्तार कायम रखी. जब आखिरी लैप के लिए घंटी बजी, तब गुलवीर चौथे स्थान पर थे. लेकिन इसके बाद उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और शानदार फिनिश के साथ दूसरे स्थान पर पहुंचकर सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया. उनका आखिरी लैप प्रदर्शन भारतीय फैंस के लिए यादगार बन गया.
CWG में 10,000 मीटर में भारत का पहला पदक
गुलवीर सिंह की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में किसी भारतीय पुरुष एथलीट ने इससे पहले 10,000 मीटर स्पर्धा में पदक नहीं जीता था. उन्होंने इस सूखे को खत्म करते हुए भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया.
27:49.78 सेकेंड के समय के साथ जीता सिल्वर
गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर रेस को 27:49.78 सेकेंड के समय के साथ पूरा किया और सिल्वर मेडल हासिल किया. इस स्पर्धा में ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 27:48.93 सेकेंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की ने 27:50.28 सेकेंड के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया.
शुरुआत से अंत तक मेडल की रेस में रहे गुलवीर
गुलवीर सिंह ने रेस की शुरुआत शानदार तरीके से की. पहले 1000 मीटर के बाद वह तीसरे स्थान पर थे. 2000 मीटर तक भी उन्होंने अपनी स्थिति बनाए रखी. हालांकि, बीच की दूरी में कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण वह पांचवें और फिर छठे स्थान पर खिसक गए. 4000 मीटर बाकी रहते वह पांचवें स्थान पर थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. जैसे-जैसे रेस अंतिम चरण में पहुंची, गुलवीर ने अपनी गति बढ़ाई और मेडल की दौड़ में जोरदार वापसी की.
एशियन गेम्स मेडल के बाद बड़ी कामयाबी
गुलवीर सिंह पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं. उन्होंने 2022 एशियन गेम्स में 10,000 मीटर स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. अब कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है.
1986 के बाद पहली बार हुआ ऐसा
गुलवीर सिंह के सिल्वर मेडल के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स में एक बड़ा बदलाव भी देखने को मिला. 1986 के बाद पहली बार पुरुषों की 10,000 मीटर रेस के पोडियम पर न तो युगांडा का और न ही केन्या का कोई एथलीट मौजूद रहा. लंबी दूरी की दौड़ में इन अफ्रीकी देशों का दबदबा रहा है, लेकिन इस बार गुलवीर ने भारत को पोडियम तक पहुंचाकर नया इतिहास बना दिया.
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परिचय
शिवम उपाध्याय एक खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट उनकी विशेषज्…
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