संवाददाता@संदीप अग्रहरी……
— किसानों की अपील- पशुपालक अपने मवेशियों को खुले में न छोड़ें, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

म्योरपुर थाना क्षेत्र में आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। इन दिनों खेती का सीजन चल रहा है और खेतों में खड़ी फसलों को आवारा पशुओं के झुंड लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों का कहना है कि दिन-रात मेहनत और लागत लगाने के बाद तैयार की गई फसल कुछ ही समय में पशुओं के झुंड से बर्बाद हो जा रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक, कई पशुपालक अपने पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। आरोप है कि कुछ लोग गायों के दूध देना बंद कर देने या अनुपयोगी होने के बाद उन्हें लावारिस छोड़ देते हैं। ऐसे पशु खेतों के साथ-साथ मुख्य सड़कों पर भी घूमते रहते हैं। रात के समय सड़क पर बैठे पशुओं के कारण वाहन चालकों और राहगीरों के लिए हादसे का खतरा बना रहता है।

किसानों की मेहनत पर फिर रहा पानी:
किसानों का कहना है कि खेती के इस समय में फसलों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। आवारा पशुओं के झुंड खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की मेहनत के साथ उनकी लागत भी बर्बाद हो रही है। ग्रामीणों ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को घर या सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखें और उन्हें खुले में न छोड़ें।

प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग:
ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालकों को अपने पशुओं की जिम्मेदारी समझनी चाहिए। किसानों ने प्रशासन से आवारा पशुओं की समस्या का स्थाई समाधान कराने और पशुओं को खुले में छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इससे एक ओर किसानों की फसलों को बचाया जा सकेगा, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर होने वाले हादसों का खतरा भी कम होगा।





