संवाददाता@कृपा शंकर पांडेय….
— 24 हजार रैंक हासिल कर डॉक्टर बनने की ओर बढ़ाया कदम, बेटियों के लिए बनी प्रेरणा

जनपद के अति पिछड़े क्षेत्र चोपन की होनहार छात्रा आशिका जायसवाल ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में सफलता हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि पर जायसवाल समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें अंगवस्त्र एवं सम्मान-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में मौजूद लोगों ने उनकी सफलता को पूरे जिले और समाज की बेटियों के लिए प्रेरणादायी बताया।
सम्मान समारोह के दौरान आशिका और उनके पिता अनिरुद्ध जायसवाल भावुक हो गए। समाज के लोगों ने उनकी मेहनत और लगन की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
आशिका शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने ओबरा स्थित सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल से हाईस्कूल की परीक्षा 92.8 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। उत्कृष्ट प्रदर्शन पर विद्यालय प्रशासन ने उन्हें सम्मानित किया और उनका चित्र विद्यालय के ऑनर बोर्ड पर भी लगाया। इसके बाद उन्होंने पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय से इंटरमीडिएट (पीसीबी) की पढ़ाई पूरी की। अब NEET में करीब 24 हजार रैंक हासिल कर उन्होंने डॉक्टर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।

पढ़ाई के साथ-साथ आशिका खेलकूद में भी सक्रिय रही हैं। उन्हें वॉलीबॉल खेलना पसंद है और उनका मानना है कि पढ़ाई व खेल के बीच संतुलन बनाकर बेहतर सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित मेहनत को दिया।
उनके पिता अनिरुद्ध जायसवाल और माता रिंकू जायसवाल ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी छोटी बहन सोनी जायसवाल भी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और भविष्य में एमबीए करना चाहती हैं। दोनों बहनें नियमित रूप से स्कूल के अलावा प्रतिदिन लगभग चार घंटे स्वाध्याय करती हैं।
आशिका ने कहा कि सोनभद्र जैसे जिलों में बड़े कोचिंग संस्थानों की कमी जरूर है, लेकिन ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से भी प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रभावी तैयारी की जा सकती है। सही रणनीति, समय प्रबंधन और डिजिटल संसाधनों का बेहतर उपयोग सफलता की कुंजी है।

जायसवाल समाज के अध्यक्ष सुनील जायसवाल ने कहा कि आशिका की उपलब्धि पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता से जिले की अन्य बेटियों को भी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में सोनभद्र की और भी बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराएंगी।






