नई दिल्ली. फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ का वो पल आ गया है जिसका पूरी दुनिया को इंतजार था। फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला आज रात 12:30 बजे से न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा. यह मुकाबला सिर्फ दो देशों के बीच नहीं, बल्कि फुटबॉल की दो अलग-अलग पीढ़ियों, शैलियों और विचारधाराओं का महामिलन है. एक तरफ इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेसी हैं, जो 39 साल की उम्र में शायद अपना आखिरी वर्ल्ड कप मैच खेल रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ स्पेन के युवा सनसनी लामिन यमाल हैं, जो फुटबॉल के आने वाले भविष्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
दिलचस्प बात यह है कि वर्ल्ड कप के मंच पर स्पेन और अर्जेंटीना की टीमें पूरे 60 साल के लंबे इंतजार के बाद एक-दूसरे के आमने-सामने होंगी. जहां अर्जेंटीना साल 2022 में कतर में जीता अपना खिताब बचाने उतरेगा, वहीं स्पेन साल 2010 के बाद दूसरी बार इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान में कदम रखेगा.
अर्जेंटीना और स्पेन के बीच आज आधी रात को होगा महामुकाबला.
इतिहास रचने के करीब अर्जेंटीना
अगर आज अर्जेंटीना की टीम खिताबी मुकाबला जीतने में सफल रहती है, तो वह फुटबॉल इतिहास के एलीट क्लब में शामिल हो जाएगी. अर्जेंटीना लगातार दो वर्ल्ड कप खिताब जीतने वाली दुनिया की तीसरी टीम बन जाएगी. इससे पहले यह कारनामा केवल इटली (1938) और ब्राजील (1962) ही कर पाए हैं. मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना का फाइनल तक का सफर किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रहा है.उन्होंने ग्रुप स्टेज में तो दबदबा बनाया, लेकिन नॉकआउट स्टेज में उन्हें हर कदम पर कड़ी परीक्षा देनी पड़ी.
ग्रुप स्टेज की धमाकेदार शुरुआत
अर्जेंटीना ने अपने अभियान की शुरुआत लगातार तीन जीतों के साथ की. लियोनेल मेसी (Lionel Messi) तकी शानदार हैट्रिक की बदौलत उन्होंने अल्जीरिया को 3-0 से हराया. इसके बाद ऑस्ट्रिया के खिलाफ कप्तान मेसी के दो गोलों की मदद से 2-0 से जीत दर्ज की और जॉर्डन को भी मेसी के एक गोल के दम पर 3-1 से मात देकर ग्रुप में टॉप किया.
नॉकआउट का रोमांच
असली परीक्षा राउंड ऑफ 32 में शुरू हुई, जहां काबो वर्डे को हराने के लिए अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम तक पसीना बहाना पड़ा और मैच 3-2 से जीता. राउंड ऑफ 16 में मिस्र के खिलाफ टीम एक समय आखिरी मिनटों में 2-0 से पिछड़ रही थी, लेकिन अर्जेंटीना ने चमत्कारी वापसी करते हुए 3-2 से मैच अपने नाम कर लिया.
क्वार्टर-फ़ाइनल और सेमिफाइनल का ड्रामा
स्विट्ज़रलैंड के खिलाफ क्वार्टर-फ़ाइनल भी एक्स्ट्रा टाइम में गया, जहां जूलियन अल्वारेज़ और लॉटारो मार्टिनेज़ के गोलों ने टीम को 3-1 से जीत दिलाई। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबला भी सांसे रोक देने वाला था. एंथनी गॉर्डन ने इंग्लैंड को शुरुआती बढ़त दिला दी थी, लेकिन 85वें मिनट में एंजो फर्नांडीज ने बराबरी का गोल दागा और फिर स्टॉपेज टाइम में मार्टिनेज ने गोल दागकर अर्जेंटीना को 2-1 से फाइनल का टिकट दिला दिया.
स्पेन का अभेद्य डिफेंस और युवा जोश का कॉम्बिनेशन
दूसरी तरफ स्पेन की टीम ने इस टूर्नामेंट में अपनी पारंपरिक ‘टिकी-टाका’ शैली यानी गेंद पर कब्जा और बेहद मजबूत डिफेंस के दम पर फाइनल में जगह बनाई है. स्पेन का सफर शुरुआती मुकाबले में थोड़ा लड़खड़ाया था, लेकिन हर बीतते दौर के साथ यह टीम और खतरनाक होती गई.
ग्रुप स्टेज
स्पेन ने काबो वर्डे के खिलाफ बिना किसी गोल के (0-0) ड्रॉ के साथ बेहद शांत शुरुआत की थी. लेकिन इसके बाद उन्होंने सऊदी अरब को 4-0 और उरुग्वे को 1-0 से हराकर अपनी लय पकड़ी और ग्रुप H में टॉप स्थान हासिल किया.
नॉकआउट का सफर
राउंड ऑफ 32 में स्पेन ने ऑस्ट्रिया को 3-0 से एकतरफा मात दी. हालांकि, इसके बाद पुर्तगाल को 1-0 और बेल्जियम को 2-1 से हराने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी, जहां मिकेल मेरिनो के आखिरी समय में किए गए गोल ने स्पेन को बचाया. बेल्जियम के खिलाफ खाया गया वो इकलौता गोल ही है, जो पूरे टूर्नामेंट में स्पेन के अभेद्य डिफेंस को भेद पाया है.
सेमीफाइनल में दबदबा
स्पेन ने सेमीफाइनल में मजबूत फ्रांस को 2-0 से शिकस्त देकर टूर्नामेंट का अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया. मिडफील्ड में कप्तान रोड्री के नियंत्रण और लामिन यमाल की गति व क्रिएटिविटी के दम पर स्पेन 2010 (साउथ अफ्रीका वर्ल्ड कप) के बाद पहली बार फाइनल में पहुंचा है.
हेड-टू-हेड
बराबरी की जंगजब बात इन दोनों फुटबॉल दिग्गजों के इतिहास की आती है, तो मुकाबला पूरी तरह बराबरी का नजर आता है. दोनों के बीच खेले गए 14 मैचों में से 6 अर्जेंटीना और छह मैच स्पेन ने जीते हैं. दो मैच ड्रॉ रहे वहीं वर्ल्ड कप में दोनों एक बार टकराए हैं जहां बाजी अर्जेंटीना के हाथ लगी है. साल 1966 में दोनों विश्व कप में भिड़ी थीं. भले ही आखिरी बार 2018 के दोस्ताना मैच में स्पेन ने अर्जेंटीना को 6-1 से करारी शिकस्त दी हो, लेकिन वर्ल्ड कप फाइनल का दबाव और मंच बिल्कुल अलग होता है.
दोनों टीमों की संभावित शुरुआती इलेवन (Probable Starting XI)
स्पेन
उनाई सिमोन (गोलकीपर), पेड्रो पोरो, पाउ कुबार्सी, आयमेरिक लापोर्टे, मार्क कुकुरेला, रोड्री (कप्तान), फेबियन रुइज, लामिन यमाल, दानी ओल्मो, एलेक्स बेएना, मिकेल ओयारजाबाल.
अर्जेंटीना
एमिलियानो मार्टिनेज (गोलकीपर), नहुएल मोलिना, क्रिस्टियन रोमेरो, लिसांद्रो मार्टिनेज, निकोलस टैग्लियाफिको, लिएंड्रो परेडेस, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, एंजो फर्नांडीज, गिउलियानो सिमियोने, लियोनेल मेसी (कप्तान), जूलियन अल्वारेज.






