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— ऑपरेशन के बाद प्रसूता और नवजात की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

Sonbhadra। नगर के इमरती कॉलोनी के सामने स्थित सिंह हेल्थ केयर हॉस्पिटल में प्रसूता और नवजात की मौत के बाद हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। वहीं अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहा।
जानकारी के अनुसार थाना पन्नूगंज क्षेत्र के बेलखुरी गांव निवासी मीना देवी (32) पत्नी राजेश को 9 जुलाई को सिंह हेल्थ केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार सुबह उनका ऑपरेशन किया गया। परिजनों के अनुसार ऑपरेशन के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि बच्चा मृत पैदा हुआ है तथा महिला की हालत गंभीर होने पर उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया।
वाराणसी पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद महिला को भी मृत घोषित कर दिया। मृतका के पति राजेश ने बताया कि 8 जुलाई को वह अपनी पत्नी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। उनका आरोप है कि वहां भर्ती होने के बाद एक दलाल बेहतर इलाज का झांसा देकर 9 जुलाई की सुबह सिंह हेल्थ केयर हॉस्पिटल ले गया, जहां भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन से पहले पत्नी को खून भी चढ़ाया गया था।
ऑपरेशन के बाद नवजात मृत पैदा हुआ और महिला की हालत बिगड़ने पर ऑक्सीजन लगाकर वाराणसी रेफर कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि वाराणसी पहुंचने पर चिकित्सकों ने बताया कि महिला की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही मृतका के मायका और ससुराल पक्ष के लोग अस्पताल पहुंच गए।

हालात को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। बाद में पुलिस ने परिजनों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान भीड़ में यह भी चर्चा रही यह हॉस्पिटल बिना रजिस्ट्रेशन के ही चल रहा था पूर्व में यह हॉस्पिटल आरटीओ ऑफिस के सामने आने नाम से चल रहा था वहां भी किसी कारण बंद हो गया और नाम बदलकर यहां से संचालित किया जाने लगा। पूरे प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी चर्चा का कारण बनी।





