संवाददाता@हनीफ खान……

करमा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात संदिग्ध खाद से लदे एक पिकअप वाहन को पुलिस ने पकड़ लिया। नकली खाद ढोए जाने की सूचना पर पुलिस ने वाहन की जांच की, जिसमें खाद की बोरियां लदी मिलीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कृषि विभाग को सूचना दी और वाहन को कृषि विभाग के सुपुर्द कर दिया।
कृषि विभाग ने खाद से लदे पिकअप वाहन को अपने कार्यालय परिसर में सुरक्षित खड़ा करा दिया है। कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि खाद असली है या नकली। इसकी पुष्टि के लिए खाद का सैंपल जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने में लगभग 3 से 4 दिन का समय लगेगा। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक पिकअप वाहन कृषि विभाग के कार्यालय परिसर में ही रहेगा।

इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खाद की बिक्री को लेकर सरकार का रुख बेहद सख्त है। किसानों को आधार कार्ड और खतौनी के सत्यापन के बाद ही खाद उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि कालाबाजारी और फर्जी बिक्री पर रोक लगाई जा सके। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि नियम इतने कड़े हैं, तो आखिर रात के अंधेरे में खाद किसके इशारे पर और किन माध्यमों से ले जाई जा रही थी?
यदि जांच में अनियमितता या कालाबाजारी की पुष्टि होती है, तो यह किसानों की मेहनत और पसीने की कमाई पर सीधा डाका माना जाएगा। अब किसानों और आम लोगों की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है। सभी की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगे और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।






