संवाददाता@बद्री प्रसाद….
— बिजली, पानी और विद्यालय के साथ अशिक्षित जीवन बिताने को विवश आदिवासी बच्चे

मुख्यालय से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत मारकुंडी के टोला बल्लही के ग्रामीण आज भी पेयजल, विद्युत और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। इन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक प्रार्थना पत्र सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर जल’ योजना के तहत उनके टोले में न तो पाइपलाइन बिछाई गई और न ही घरों तक नल कनेक्शन दिए गए। उनका कहना है कि कई बार कार्यदायी संस्था और संबंधित ठेकेदार से संपर्क करने पर जल्द कार्य कराने का आश्वासन मिला, लेकिन आज तक योजना का लाभ नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना कार्य पूरा किए ही पूरे ग्राम पंचायत में योजना पूर्ण होने की रिपोर्ट ब्लॉक कार्यालय को भेज दी गई।

प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि टोला बल्लही भौगोलिक रूप से पठारी क्षेत्र में स्थित है, जहां आज तक विद्युतीकरण नहीं हो सका है। सौभाग्य योजना के अंतर्गत बिजली के खंभे लगाए जाने थे, लेकिन यह कार्य भी अधूरा रह गया। बिजली के अभाव में ग्रामीण अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर हैं, वहीं बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। बरसात के मौसम में विषैले जीव-जंतुओं के खतरे के बीच बिजली न होना ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा देता है।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि टोला बल्लही में प्राथमिक विद्यालय तक नहीं है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों को दूसरे टोलों में स्थित विद्यालयों तक लंबी दूरी तय कर पहुंचना पड़ता है। जंगल और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बच्चों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि टोला बल्लही में शीघ्र हर घर जल योजना का लाभ, विद्युतीकरण, तथा एक प्राथमिक विद्यालय की स्थापना सुनिश्चित कराई जाए, ताकि क्षेत्र के लोग और उनके बच्चे भी समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें तथा उन्हें मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके।





