संवाददाता@संदीप अग्रहरी…
— खरीदने का आरोप, सीएमओ बोले जांच के बाद होगी कार्रवाई

म्योरपुर सामुदायिक
स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) म्योरपुर में विषाक्त पदार्थ (जहर/कीटनाशक) का सेवन कर उपचार के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को अस्पताल से निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराने के बजाय बाहर से करीब 1200 रुपये तक की दवाएं खरीदने के लिए भेजे जाने का आरोप सामने आया है। मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) तक पहुंच गई है। आरोपों के बीच एक वार्ड ब्वाय की भूमिका भी सवालों के घेरे में बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के परिजन पहले से ही मानसिक और आर्थिक तनाव में रहते हैं। ऐसे समय में उन्हें अस्पताल के बाहर स्थित एक मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने के लिए कहा जाता है। आरोप है कि वार्ड ब्वाय या उसके माध्यम से परिजनों को उसी मेडिकल स्टोर का नाम बताया जाता है और वहीं से दवा लेने के लिए कहा जाता है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अस्पताल में उपलब्ध आवश्यक दवाओं के बावजूद बाहर की महंगी दवाएं लिखी जाती हैं, जिससे गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क दवा वितरण व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश मिश्रा ने बताया कि यदि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संबंधित दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए भेजा जा रहा है, तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।





