ग्रामीण संवाददाता@विष्णु कुशवाहा…..
— कई वार्डों में जलभराव व कूड़े के अंबार पर लोगों ने उठाए सवाल, नगर पालिका से तत्काल कार्रवाई की मांग

आदर्श नगर पालिका परिषद सोनभद्र में बरसात के मौसम के साथ ही साफ-सफाई और जल निकासी व्यवस्था की पोल खुलने लगी है। नगर के कई वार्डों में खुली नालियां, उन पर जमा कूड़े के अंबार और जाम नालियों के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा संचारी रोग नियंत्रण अभियान और सफाई व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावे धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।

नगर के वार्ड संख्या 7, 8, 9 और 18 के निवासियों ने बताया कि वर्षों से कई नालियां खुली पड़ी हैं और उनकी नियमित सफाई नहीं कराई जाती। बरसात शुरू होने के बावजूद नालियों से सिल्ट और कचरा नहीं हटाया गया, जिसके चलते पानी की निकासी पूरी तरह प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर बारिश का पानी घंटों तक जमा रहता है, जिससे मच्छरों का प्रजनन तेजी से हो रहा है और डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बनी हुई है।

वार्ड संख्या 18 के निवासी विमल श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश शुरू हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन नगर पालिका ने नालियों की सफाई की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। नालियां जाम होने से पानी सड़कों और गलियों में भर जाता है, जिससे लोगों को आवागमन में भी परेशानी उठानी पड़ती है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सफाई कराई जाती तो यह स्थिति पैदा नहीं होती।
वार्ड संख्या 7 के निवासी राधेश्याम ने बताया कि खुली नालियों में कूड़ा जमा रहने से पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैली रहती है। मच्छरों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर सबसे अधिक खतरा मंडरा रहा है। लोगों में संक्रामक बीमारियों को लेकर डर का माहौल है।

इसी तरह वार्ड संख्या 8 के शंकर भारती ने बताया कि नालियों का गंदा पानी सीधे सड़कों पर बह रहा है। बारिश के दौरान हालात और खराब हो जाते हैं। सड़क पर गंदा पानी भर जाने से राहगीरों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई स्थानों पर फिसलन और जलभराव के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हरदा बाबा रोड (वार्ड 9) पर नालियों में कचरा जमा है। जय हिंद स्कूल मोड़ और शिवाजी मिनी स्टेडियम जाने वाले मार्ग (वार्ड 18) पर डबल ट्रांसफार्मर के पास नालियां बजबजा रही हैं, जिससे मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। काशीराम आवास (वार्ड 8) में नालियों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जबकि विवेकानंद परीक्षा केंद्र से अंबेडकर नगर जाने वाले मार्ग (वार्ड 7) पर कूड़े का बड़ा अंबार लगा हुआ है। इसके अलावा अंबेडकर नगर से कीनाराम स्कूल तक कई स्थानों पर नालियां खुली हैं और उन पर कूड़ा जमा है, जिससे क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई, कूड़ा उठान और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाता तो बरसात के मौसम में लोगों को इतनी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। उनका आरोप है कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही के कारण हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बन जाती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि नगर की सभी खुली नालियों पर शीघ्र ढक्कन लगाए जाएं, जाम नालियों की विशेष अभियान चलाकर सफाई कराई जाए, नियमित कूड़ा उठान सुनिश्चित किया जाए तथा पूरे नगर में फॉगिंग और सैनिटाइजेशन अभियान चलाकर संक्रामक बीमारियों की रोकथाम की जाए।
साथ ही जल निकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से सुधारने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि बरसात के दौरान लोगों को राहत मिल सके।

इस संबंध में अशोक, राधेश्याम, अशोक भारती, चंदन, विनोद, दिनेश, अभय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो जनस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।





