संवाददाता@मनीष कुमार……

दलित, आदिवासी के विकास के लिए जारी होने वाले सब प्लान बजट और जनकल्याण के मदों में बढ़ोतरी के लिए कॉरपोरेट की संपत्ति पर टैक्स लगाने की मांग पुरजोर तरीके से यात्रा में उठ रही है। जनगणना में आदिवासी धर्म कोड लागू करने और 8 सूत्रीय एजेण्डा पर रोजगार-सामाजिक अधिकार यात्रा जारी है।
खैराही, कुसम्हा, गंभीरपुर, आश्रम रनटोला में संपर्क संवाद किया गया। साथ ही बभनी गांव में खरवार समाज की बैठक में ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के जिला सचिव इंद्रदेव खरवार ने पहुंचकर जनगणना में आदिवासी धर्म कोड को लागू करने पर बात रखी।

संवाद में वक्ताओं ने कहा कि देश में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। यदि देश के बड़े कॉर्पोरेट घरानों की संपत्ति पर महज 2 प्रतिशत टैक्स लगा दिया जाए तो मौजूदा बजट लगभग दुगना हो जाएगा। जिससे रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, आवासीय भूमि का अधिकार सभी नागरिकों को दिया जा सकता है। साथ ही दलित और आदिवासियों के विकास के बजट में भी पर्याप्त बढ़ोतरी हो सकती है।
वक्ताओं ने कहा कि आजादी से पूर्व और आजादी के बाद सन 1961 तक जनगणना में आदिवासी समुदाय के धर्म के लिए अलग कालम बना हुआ था, जिसे समाप्त कर दिया गया। सभी लोग जानते हैं कि आदिवासी समाज का अपना धर्म, परंपरा, सभ्यता, संस्कृति, रीति रिवाज, बोली, भाषा, लिपि मौजूद है जिसकी पहचान का आज का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इसलिए सरकार को आदिवासी धर्म कोड को जनगणना में शामिल करना चाहिए ताकि आदिवासियों की अपनी विशिष्ट पहचान सुरक्षित हो सके।

संवाद कार्यक्रमों में ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के जिला संयोजक कृपा शंकर पनिका, सविता गोंड, रूबी सिंह गोंड, राजेंद्र प्रसाद गोंड, देवकुमार खरवार, सुगवंती गोंड, मंगरु प्रसाद श्याम, जवाहर खरवार, रामचंद्र पटेल, अंतलाल खरवार, राजकुमार खरवार, गंभीरा गोंड, ललित गोंड, समरजीत गोंड आदि लोग शामिल रहे।






