मुख्य संवाददाता@सौरभ गोस्वामी..

भारतीय संविदा श्रमिक संगठन ने मंगलवार को ओबरा परियोजना के बीटीपीएस-सीटीपीएस में कार्यरत संविदा श्रमिकों के भविष्य निधि ईपीएफ घोटाले को लेकर विरोध दर्ज कराते हुए जिलाधिकारी सोनभद्र को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया कि कई संविदा कंपनियां श्रमिकों के वेतन से ईपीएफ की कटौती तो कर रही हैं, लेकिन उसे श्रमिकों के भविष्य निधि खातों में जमा नहीं किया जा रहा है।
संगठन द्वारा विशेष रूप से बीटीपीएस में नीरज कंस्ट्रक्शन एवं सीटीपीएस में एस के पी एल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि इन कंपनियों द्वारा श्रमिकों के अधिकारों का खुलेआम शोषण किया जा रहा है तथा ईपीएफ नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।संगठन के अध्यक्ष मणि शंकर पाठक ने कहा कि ओबरा परियोजना में बड़े पैमाने पर ईपीएफ की लूट चल रही है।
उन्होंने चेतावनी दिया कि यदि श्रमिकों के कटे हुए ईपीएफ की राशि जल्द उनके खातों में जमा नहीं कराई गई तो भारतीय संविदा श्रमिक संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। वहीं संगठन मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि एस के पी एल जैसी कंपनियों को कार्य देने से पहले उनकी पूरी जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग किया की संबंधित कंपनियों के कंप्लायंस रजिस्टर, ईपीएफ रिकॉर्ड एवं श्रमिकों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराई जाए,ताकि यह पता चल सके कि अब तक कितने मजदूरों का आर्थिक शोषण किया गया है।

कहा कि यदि इस ज्ञापन पर प्रशासन द्वारा गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन अपने मजदूर हितों से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं को लेकर सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचेगा।प्रदर्शन में संगठन उपाध्यक्ष रणजीत तिवारी, महामंत्री कृष्ण कुमार पाठक, नवलेश वर्मा, रामेश्वर गिरी, महेंद्र पांडे, सुनील सिंह, उपेंद्र गिरी, राजकुमार यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।





