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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के जदुमणि सिंह ने बॉक्सिंग इवेंट में पाकिस्तानी बॉक्सर को हराकर कमाल कर दिया. जदुमणि सिंह ने पाकिस्तान के सुमामा रहमान को 5-0 से हराया. जदुमणि अब मेडल से बस एक जीत दूर हैं. इसके अलावा महिला बॉक्सर में प्रीति पवाल ने भी कमाल किया. प्रीति ने भी जीत दर्ज कर मेडल की तरफ कदम बढ़ा दिया.
जदुमणि सिंह और प्रीति पवाल ने दर्ज की जीत
नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के बॉक्सिंग इवेंट में भारत के जदुमणि सिंह ने कमाल कर दिया. जदुमणि का रिंग में पाकिस्तानी बॉक्सर सुमामा रहमान से हुआ था. सुमामा रहमान को मैच में जदुमणि ने एकतरफा अंदाज में हराया. इसके अलावा एशियन गेम्स की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट प्रीति पवार ने भी अपने मैच में आसानी से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया. एसईसी सेंटर में ‘भारत माता की जय’ और ‘इंडिया-इंडिया’ के गूंजते नारों के बीच जदुमणि ने रहमान को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराया.
सेना के इस मुक्केबाज ने अपनी बेहतरीन तकनीक, तेज गति और रिंग पर नियंत्रण के दम पर प्रभावशाली जीत दर्ज की. करगिल विजय दिवस पर अपनी जीत को करगिल युद्ध के वीरों को समर्पित करने वाले जदुमणि ने एक और शानदार प्रदर्शन के बाद अपना लक्ष्य दोहराया. उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह जीत करगिल के वीरों को समर्पित करना चाहता हूं. मैं सभी को हराकर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहता हूं.’’
मेडल से बस एक जीत दूर जदुमणि
पहले दौर में जदुमणि ने अपने प्रतिद्वंद्वी को परखा, लेकिन जल्द ही उन्होंने रहमान की रणनीति समझ ली और मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया. उन्होंने लगातार सटीक हुक और सीधे पंच लगाए. दूसरे राउंड में उनके दायें हाथ के करारे पंच के बाद रेफरी को रहमान को स्टैंडिंग काउंट देना पड़ा.
अंतिम राउंड में बढ़त लगभग तय होने के बावजूद जदुमणि आत्मविश्वास के साथ रिंग में डटे रहे. उन्होंने बीच में खड़े होकर रहमान को आक्रमण के लिए आमंत्रित किया और फिर अपनी तेज गति व बेहतर मूवमेंट से जवाब दिया. जदुमणि के सामने मंगलवार को खेले जाने वाले क्वार्टर फाइनल में जाम्बिया के म्वेंगो म्वाले की चुनौती होगी. जदुमणि अब पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं.
प्रीति पवार ने भी जीता अपना मुकाबला
महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में प्रीति पवार ने भी क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर पदक की उम्मीदें कायम रखी हैं. भिवानी की 22 वर्षीय प्रीति ने प्री-क्वार्टर फाइनल में मलावी की डेबोरा मतेनजे को दूसरे दौर में ही आरएससी (रेफरी द्वारा मुकाबला रोकना) के फैसले से हराया. एशियाई खेलों (2022) की कांस्य पदक विजेता और पिछले वर्ष नई दिल्ली विश्व कप की स्वर्ण पदक विजेता प्रीति ने मुकाबले में शुरू से ही दबदबा बनाए रखा.
मलावी की मुक्केबाज को दोनों दौर में एक-एक बार स्टैंडिंग काउंट का सामना करना पड़ा. दूसरे दौर में मुकाबला समाप्त होने से 47 सेकंड पहले रेफरी ने लड़ाई रोक दी. पहले दौर में सभी पांचों जजों ने प्रीति के पक्ष में फैसला दिया था. प्रीति भी मंगलवार को अंतिम आठ का मुकाबला खेलेगी. प्रीति के सामने उत्तरी आयरलैंड की निकोल क्लाइड की चुनौती होगी. दोनों मुक्केबाज एक-दूसरे से अच्छी तरह परिचित हैं. राष्ट्रमंडल खेलों से पहले बेलफास्ट में दोनों ने ‘स्पारिंग पार्टनर’ के रूप में साथ ट्रेनिंग ली थी.
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जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. इस वक्त नेटवर्क 18 समूह में हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, ह…
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