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Sonbhadra। मेडिकल कॉलेज सहित अन्य संस्थानों में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने एक युवक को फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। जब युवक मेडिकल कॉलेज में जॉइनिंग के लिए पहुंचा तो नियुक्ति पत्र फर्जी निकला। इसके बाद पीड़ितों ने राबर्ट्सगंज कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के गैंगुआर निवासी कृष्णकांत पटेल, बबुरा निवासी राहुल कुमार, कलवारी निवासी सुनील कुमार तथा रघुनाथपुर निवासी मनोज कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी मुलाकात पन्नूगंज थाना क्षेत्र के परसौटी निवासी सुशील कुमार मौर्य से हुई थी। सुशील ने स्वयं को एसएम सीपीसी प्राइवेट कंपनी का नियमित कर्मचारी बताते हुए नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और कहा कि इसके लिए कंपनी में डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से धनराशि जमा करनी होगी।

आरोप है कि राहुल कुमार से 1.70 लाख, सुनील कुमार से 1.80 लाख, मनोज कुमार से 1.70 लाख, एक अन्य युवक से 1.90 लाख तथा कृष्णकांत पटेल से ऑनलाइन और नकद मिलाकर दो लाख रुपये लिए गए। कई महीने बीत जाने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही धनराशि वापस की गई।
पीड़ितों के अनुसार, बार-बार तकादा करने पर सुशील ने उनकी मुलाकात पन्नूगंज थाना क्षेत्र के ऊंची निवासी मिंटू पटेल उर्फ अभिषेक से कराई। मिंटू ने भी भरोसा दिलाया कि पैसा कंपनी में जमा है और मेडिकल कॉलेज में इलेक्ट्रीशियन, ओटी टेक्नीशियन तथा एक्स-रे टेक्नीशियन समेत विभिन्न पद रिक्त हैं।
इसी भरोसे पर पीड़ितों ने अपने एक अन्य मित्र की नौकरी लगाने की बात की। आरोप है कि उसके लिए 80 हजार रुपये ऑनलाइन और 1.20 लाख रुपये नकद लिए गए। इसके बाद छह मार्च को एक नियुक्ति पत्र दिया गया और 16 मार्च को मेडिकल कॉलेज में जॉइनिंग के लिए पहुंचने को कहा गया।
जब युवक निर्धारित तिथि पर मेडिकल कॉलेज पहुंचा तो उसे पता चला कि नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी है। इसके बाद ठगी का पर्दाफाश हुआ और पीड़ितों ने पुलिस की शरण ली।
प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि पीड़ितों की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।





