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Alexander Zverev wins French open title: तीन बार ग्रैंड स्लैम फाइनल हारने के बाद जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने आखिरकार फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम जीतकर पहला मेजर खिताब अपने नाम कर लिया है. पांच सेटों के मैराथन मुकाबले में इटली के फ्लावियो कोबोली को हराकर ज्वेरेव ने जर्मनी का 88 साल का सूखा खत्म किया. इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही वे हेनर हेंकेल (1937) के बाद फ्रेंच ओपन जीतने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं. इस जीत से उनकी कुल करियर कमाई 65.85 मिलियन डॉलर पहुंच गई है.
ज्वेरेव ने जीता फ्रेंच ओपन टाइटल.
नई दिल्ली. करीब नौ दशकों का सूखा और तीन बार खिताबी मुकाबले में मिली दिल तोड़ने वाली हार के बाद, आखिरकार एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने टेनिस की दुनिया के सबसे बड़े मंच पर अपना परचम लहरा दिया. फ्रेंच ओपन के फाइनल में इटली के फ्लावियो कोबोली के खिलाफ पांच सेटों तक चले मैराथन मुकाबले में 6-1, 4-6, 6-4, 6-7(5), 6-1 से मिली जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि ज्वेरेव के करियर का सबसे ऐतिहासिक पल बन गई. यह जीत जर्मन टेनिस के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है. ज्वेरेव 1937 में हेनर हेंकेल के बाद फ्रेंच ओपन जीतने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बन गए हैंय 88 सालों के इस लंबे इंतजार को खत्म करते हुए ज्वेरेव ने न केवल अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता, बल्कि अपने करियर का 25वां खिताब भी अपने नाम किया. साल 2026 में यह उनकी 35वीं जीत है, जो उनकी शानदार फॉर्म और शारीरिक मजबूती को दर्शाती है.
एलेक्जेंडर ज्वेरेव (Alexander Zverev) के लिए यह सफर आसान नहीं रहा. 29 साल की उम्र में अपनी पहली मेजर ट्रॉफी उठाने से पहले उन्होंने तीन बार ग्रैंड स्लैम फाइनल की कड़वाहट झेली थी. 2020 यूएस ओपन, 2024 फ्रेंच ओपन और फिर 2025 ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. विशेष रूप से 2025 में ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में यानिक सिनर के हाथों मिली हार ने उनके मनोबल की कड़ी परीक्षा ली थी. पहला सेट आसानी से जीतने के बाद ज्वेरेव को 24 वर्षीय कोबोली से कड़ी चुनौती मिली. कोबोली ने दूसरा और चौथा सेट जीतकर मुकाबले को निर्णायक पांचवें सेट तक पहुंचा दिया.
ज्वेरेव ने जीता फ्रेंच ओपन टाइटल.
किस्मत ने ज्वेरेव का साथ दिया
हालांकि, इस साल पेरिस की गर्मी और किस्मत ने ज्वेरेव का साथ दिया. टूर्नामेंट के बड़े दावेदार माने जाने वाले यानिक सिनर और नोवाक जोकोविच पहले ही सप्ताह में उलटफेर का शिकार होकर बाहर हो गए. वहीं, गत विजेता कार्लोस अल्कराज चोट के कारण इस प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थे. ज्वेरेव के लिए यह रास्ता थोड़ा सुलभ जरूर हुआ, क्योंकि सिनर के खिलाफ वह अपने पिछले नौ मैच हार चुके थे और अल्कराज के खिलाफ भी उनका रिकॉर्ड हाल के समय में खराब रहा था. जोकोविच के खिलाफ भी रोलां गैरो के पिछले मुकाबलों में उन्हें सफलता नहीं मिली थी, लेकिन इस बार नियति ने उनके लिए कुछ और ही लिखा था.
आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति
इस खिताबी जीत के साथ ज्वेरेव ने न केवल सम्मान कमाया, बल्कि भारी भरकम इनामी राशि भी हासिल की. जीत के तौर पर उन्हें लगभग 3.27 मिलियन डॉलर (करीब 28 लाख यूरो) मिले. इस जीत के बाद उनकी कुल करियर कमाई 65.85 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई है. अब वह करियर कमाई के मामले में दुनिया के सातवें नंबर से उछलकर चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं. उन्होंने इस मामले में यानिक सिनर, कार्लोस अल्कराज और दिग्गज एंडी मरे जैसे खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया है. दिलचस्प बात यह है कि ज्वेरेव अब तक करियर कमाई की टॉप-10 सूची में शामिल इकलौते ऐसे खिलाड़ी थे, जिनके पास कोई ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं था, लेकिन अब उनके नाम के आगे ‘ग्रैंड स्लैम चैंपियन’ का तमगा लग चुका है.
विवादों का साया और संघर्ष
मैदान पर उनकी इस सफलता के पीछे विवादों की एक लंबी परछाई भी रही है. पिछले कुछ वर्षों में ज्वेरेव पर उनकी पूर्व पार्टनर द्वारा शारीरिक और मानसिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए. 2023 में एटीपी (ATP) ने सबूतों के अभाव में उन पर कोई कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया था. इसके बाद एक अन्य पार्टनर द्वारा लगाए गए आरोपों के कारण मामला जर्मन अदालत तक पहुंचा, जिसे 2024 में अदालत के बाहर आपसी सहमति से सुलझा लिया गया. इन तमाम व्यक्तिगत विवादों और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच खुद को मानसिक रूप से खेल के लिए तैयार रखना ज्वेरेव के लिए एक बड़ी चुनौती थी.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें






