संवाददाता@अमिताभ मिश्रा…..

राज्य कर विभाग, सोनभद्र द्वारा आयोजित “व्यापारी संवाद कार्यक्रम – GST 2.0” का आयोजन गुरुवार को इंडियन कॉफी हाउस में किया गया। कार्यक्रम में राज्य कर विभाग के अधिकारियों, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों तथा क्षेत्र के व्यापारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों को जीएसटी से संबंधित नवीनतम नियमों, प्रक्रियाओं और सुविधाओं की जानकारी प्रदान करना तथा उनकी समस्याओं का समाधान करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त राज्य कर खंड-3 सोनभद्र विकास कृष्ण बंसल ने की। उन्होंने व्यापारियों को संबोधित करते हुए समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल करने, कर भुगतान में पारदर्शिता बनाए रखने तथा विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि करदाताओं को अपने जीएसटी पोर्टल की नियमित निगरानी करनी चाहिए तथा पोर्टल पर मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी को अद्यतन रखना चाहिए ताकि विभाग द्वारा जारी सूचनाएं समय पर प्राप्त हो सकें।

कार्यक्रम में सहायक आयुक्त अजय यादव तथा राज्य कर अधिकारी अनिल सिंह ने जीएसटी पंजीयन, रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया, ई-वे बिल, ई-इनवॉइसिंग, इनपुट टैक्स क्रेडिट तथा पंजीयन सत्यापन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। अधिकारियों ने व्यापारियों को ई-वे बिल अपलोड करते समय सावधानी बरतने तथा वस्तुओं के लिए सही एचएसएन कोड अंकित करने की सलाह दी।
अधिकारियों ने व्यापारियों को बोगस अथवा फर्जी कंपनियों के साथ व्यापारिक लेन-देन से बचने के लिए भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि किसी भी फर्म से व्यापार करने से पहले उसके जीएसटी पंजीयन एवं अन्य दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य कर लेना चाहिए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कर संबंधी समस्या उत्पन्न न हो। कार्यक्रम में व्यापारियों को सरकार द्वारा जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के लिए उपलब्ध दुर्घटना बीमा सुविधा की भी जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि पात्र पंजीकृत व्यापारियों को लगभग 10 लाख रुपये तक के बीमा लाभ की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिसका लाभ उठाने के लिए निर्धारित शर्तों की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। इस अवसर पर सोनभद्र टैक्स बार एसोसिएशन के महासचिव शिव राम, चार्टर्ड अकाउंटेंट श्वेतांक मित्तल तथा अधिवक्ता राकेश श्रीवास्तव ने भी व्यापारियों को जीएसटी अनुपालन एवं कर संबंधी व्यावहारिक पहलुओं पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने जीएसटी पोर्टल, रिटर्न फाइलिंग, ई-इनवॉइसिंग एवं इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ी अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। कार्यक्रम में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों सहित 50 से अधिक व्यापारी उपस्थित रहे।
व्यापारियों ने इस प्रकार के संवाद कार्यक्रमों को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाने की मांग की, ताकि व्यापारिक गतिविधियों में पारदर्शिता और कर अनुपालन को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।





