@जे0 के0……
— पर्यावरण की रक्षा के लिए योगी सरकार का हरित आवरण बढ़ाने पर जोर

Sonbhadra । गर्मी के मौसम में लागातार बढ़ते तापमान को लेकर चिंतित प्रदेश की योगी सरकार ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने पर जोर दे रही है। इसी के तहत जिले में इस वर्ष वृक्षारोपण अभियान 2026 के तहत एक करोड़ 61 लाख से अधिक पौधे रोपने का लक्ष्य रखा गया। सभी विभागों को पौधरोपण का लक्ष्य आवंटित करने के साथ ही रोपे गए पौधे की रक्षा के लिए भी संपकल्पित किया गया है। वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस से हो जाएगी। इस दिन अलग-अलग स्थानों पर पौधरोपण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किए जाने के साथ ही 2100 पौधों का रोपण भी किया जाएगा।
प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष वृक्षारोपण अभियान के तहत जिले में कुल 1,61,69,686 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें 10,21,8000 लाख पौधों का रोपण वनविभाग द्वारा किया जाएगा। शेष 5,951,686 लाख पौधरोपण 22 अन्य विभागों द्वारा कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वन विभाग व उद्यान विभाग की पौधशालाओं में पौधों को रोपण के लिए तैयार किया जा रहा है। बताया कि पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर डाला रेंज स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम के साथ-साथ आमजन को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने एवं उनकी रक्षा के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के अन्य स्थानों पर इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित कर 2100 फल एवं छायादार पौधे रोपे जाएंगे।
मिशन छाया से सड़कें बनेंगी छायादार :
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि हीटवेट के दुष्प्रभावों को नियंत्रित करने हेतु प्रदेश सरकार ने सड़कों के किनारे दोनों तरफ ज्यादा से ज्यादा छायादार पौधे लगाने की योजना बनाई है। इसे मिशन छाया नाम दिया गया है। बताया कि इस मिशन के तहत सड़कों के किनारे छायादार पौधों का रोपण करने के साथ ही उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। सड़कों के किनारे रोपे गए पौधे जब बड़े होकर वृक्ष बनेंगे तो सड़कों का तापमान कम रहेगा। जिससे हीटवेट का खतरा कम होगा।
विभागवार आवंटित लक्ष्य :
वन विभाग : 1,021,800
पर्यावरण विभाग : 441,000
ग्राम्य विकास विभाग : 3,195,286
राजस्व विभाग : 236,600
पंचायतीराज विभाग : 334,800
आवास विकास विभाग : 16,900
औद्योगिक विकास : 25,900
उद्योग विभाग : 32,700
नगर विकास : 74,600
लोक निर्माण : 41,100
जल शक्ति विभाग :50,900
रेशम विभाग : 28,000
कृषि विभाग : 7,18,000
पशुपालन विभाग : 19,800
सहकारिता : 18,500
उर्जा विभाग : 18,500
शिक्षा विभाग : 138,900
श्रम विभाग : 8,300
स्वास्थ्य विभाग : 29,000
परिवहन विभाग :6,300
रेलवे विभाग : 33,000
रक्षा विभाग :13,000
उद्यान विभाग : 444,000
गृह विभाग : 26,600





