संवाददाता@अमिताभ मिश्रा…..
— न्यायालय के आदेश पर पुलिस-राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई, कार समेत चल-अचल संपत्तियां जब्त

आम लोगों को निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप में जेल में बंद सीएमबी चिट फंड कंपनी के संचालक के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने आरोपी की अपराध से अर्जित करीब 1.42 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को कुर्क और जब्त कर लिया।
पुलिस के अनुसार थाना अनपरा में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 149/2025 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत भागीरथी मौर्या पुत्र रमापति मौर्या, निवासी मुंहकुचवां राजपुर, थाना कोतवाली देहात (मिर्जापुर) एवं हाल निवासी मुर्धवा, रेणुकूट के विरुद्ध कार्रवाई की गई। आरोपी पर सीएमबी चिट फंड कंपनी के माध्यम से लोगों से निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये जमा कराने और परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद धनराशि वापस नहीं करने का आरोप है। शिकायतों के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था, जो वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में जेल में निरुद्ध है।

मामले की सुनवाई के दौरान अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सोनभद्र ने 15 जुलाई 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत आरोपी की अपराध से अर्जित संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश पारित किया।
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में उपजिलाधिकारी दुद्धी रवि पासवान एवं क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मुर्धवा स्थित आराजी संख्या 557ग (रकबा 0.0195 हेक्टेयर, अनुमानित मूल्य ₹17.55 लाख) तथा उस पर बने मकान (अनुमानित मूल्य ₹1.09 करोड़ से अधिक) को कुर्क किया। इसके अलावा मौजा कटौधी स्थित आराजी संख्या 97क (रकबा 0.273 हेक्टेयर, अनुमानित मूल्य ₹4.10 लाख) को भी जब्त कर लिया गया। अचल संपत्तियों का कुल मूल्य ₹1.31 करोड़ से अधिक आंका गया है।

इसके अतिरिक्त आरोपी की किया सोनेट कार, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹11 लाख है, को भी न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जब्त कर लिया गया। इस प्रकार कुर्क की गई कुल चल एवं अचल संपत्तियों का मूल्य ₹1.42 करोड़ से अधिक है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आर्थिक अपराध कर आम लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर कानून के तहत कुर्क किया जाएगा, ताकि निवेशकों के हितों की रक्षा हो सके और इस तरह की धोखाधड़ी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।





