संवाददाता@रामबली मिश्रा……

शासन के मंशा के विपरीत शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही उजागर हो रही है।क्षेत्रवासियों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की कार्रवाई मात्र कागजी खानापूर्ति बनकर रह गई है।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सत्र 2026-27 के प्रारंभ होते ही शिक्षा विभाग का हवाहवाई नोटिस का चाबुक आम जनमानस को भ्रमित करने के उद्देश्य से चलना शुरू तो हुआ, लेकिन क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे शिक्षण संस्थानों पर कोई प्रभाव डालने में सक्षम नहीं साबित हो सका। इसको लेकर न्याय पंचायत जरहां में बगैर मान्यता के संचालित कई स्कूलों को विगत माह जारी किए गए नोटिस सुर्खियों में कई हफ्तों तक बनी रही, लेकिन गर्मी की छुट्टी बीतते ही सभी पूर्ण रूप से पुनः संचालित हो गए हैं। अवैध स्कूलों पर कार्रवाई करने में विभाग पूरी तरह से पंगु बना हुआ है।

जहां तक बात की जाए तो एक मान्यता पर एक जगह ही विद्यालय का संचालन किया जा सकता है, लेकिन न्याय पंचायत जरहां की बात करें तो यहां ऐसे विद्यालय मौजूद हैं, जो एक मान्यता पर कई जगहों पर विद्यालय संचालित करके अवैध स्कूलों के संचालन को बढ़ावा दे रहे हैं, जो विभाग के रजामंदी के संभव ही नहीं हैं।
विगत एक दशक से अधिक समय से चेतवा और बंका मोड पिंडारी में बिना बोर्ड बैनर के संचालित विद्यालय की वास्तविक मान्यता 10 किमी दूर रजमीलान में स्थित एकविद्यालय के नाम है, जो दो जगहों पर बेखौफ संचालित हो रहा है।, लेकिन जिला विद्यालय निरीक्षक सोनभद्र को इसकी भनक तक नहीं है।

हास्यास्पद तो यह है कि आजतक इन विद्यालयों नोटिस जारी होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस क्षेत्र में इनके द्वारा संबद्धता के कारण ही अवैध स्कूलों के संचालन को बढ़ावा मिला है।बिना बोर्ड बैनर के संचालित स्कूल प्रबंधन का कहना है कि मान्यता के लिए फाइल दाखिल की गई है।
इस बाबत बी ई ओ म्योरपुर सुनील कुमार ने कहा कि नोटिस की कार्रवाई के लिए बी एस ए को अग्रसारित किया गया है जल्द अवैध विद्यालयों पर कार्रवाई की जाएगी।





