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Sonbhadra । शहीद स्थल प्रवंधन ट्रस्ट करारी सोनभद्र के तत्वावधान में दो जून मंगलवार को सोनभद्र बार एसोसिएशन सभागार कचहरी में डाला गोली कांड शहादत एवं शहीद स्थल प्रवंधन ट्रस्ट करारी की सोलहवीं वर्षगांठ के अवसर पर शहीदों को समर्पित काव्य संध्या का आयोजन संपन्न हुआ।
अध्यक्षता कर रहे कथाकार रामनाथ शिवेन्द्र अतिथि गण ओमप्रकाश त्रिपाठी राष्ट्र पति पदक प्राप्त शिक्षक भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष डा, धर्मवीर तिवारी एडवोकेट, कमलेश सिंह खांबे समाजसेवी, बार अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव एडवोकेट ने विधिवत् माँ शारदे के चित्र पर माल्यार्पण कर आयोजन का आगाज किया।

वाणी वंदना करते हुए गीतकार ईश्वर विरागी ने, काट कपट कलिकाल कलुषता निर्मल मन निर्झर सा कर दे सुनाकर शुरुआत में ही आयोजन को जीवंतता देकर वाहवाही लूटी। सफल संचालन करते हुए नवगीत कार दिलीप सिंह दीपक ने, बुजुर्गों ने लहू देकर रखी है आबरू इसकी, तुम सब कुछ बेंच दो लेकिन हिंदुस्तान मत बेचो सुना कर लोगों को झूमने पर विबस कर दिया।
ओज की कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने, होने न दूंगी अपने भारत का अपमान तथा श्रृंगार की रचना, अगर किसी से दगा करोगे तुझे मोहब्बत नहीं मिलेगी सुना कर महफ़िल लूट लिया। श्रृंगार एवं गीतों की जानी मानी कवयित्री दिव्या राय ने, नारी सशक्तिकरण को धार देती मुखर अभिव्यक्ति, मत रोक संवरिया घुंघट में मुझे नील गगन तक जाने दे सुनाकर माहौल में नव चेतना जागृत किया।

आयोजक प्रदुम्न त्रिपाठी एडवोकेट प्रमुख शहीद स्थल करारी ने, लहरत रहै तिरंगा नभ में सबकर ई अरमान बा,वंदेमातरम जैहिंद बानी पावन हिंदुस्तान बा सुनाकर जागरण किये सराहे गये। हास्य व्यंग्य के सिद्धहस्त कवि अजय चतुर्वेदी कक्का ने, गदहा का घोड़ा बनि जाई, पगलै हउवा का सुनाकर खूब हंसाते रहे। शारिक मखदूम फूलपुरी प्रयागराज ने गंभीर शायरी, कब तलक शिकवा करोगे तुम यहाँ तकदीर का, हौसले से अब पकड़ लो रास्ता तदबीर का सुनाकर खूब ताली बजवाते रहे।
शिवदास कवि चंदौली ने, लहर रहा है गगनांगन में गौरव का अभिमान तो वहीं धर्मेश चौहान एडवोकेट ने देश गीत, बड़ा ही सुंदर बड़ा ही मनहर अपना हिंदुस्तान सुनाया खूब जमे। शाइर अशोक तिवारी ने, हमने तुझसे प्यार किया और क्या किया, यूँ जिंदगी गुजार दिया और क्या किया सुनाकर रससिक्त किया। दयानंद दयालू मदन चौबे सुधाकर पांडेय स्वदेश प्रेम दिवाकर दिवेदी मेघ ने आदमीयत को समर्पित काव्यपाठ से कल्पना को पंख लगा दिये। विवेक चतुर्वेदी विशेष अस्थाना ने काव्य पाठ कर सराहनीय प्रस्तुति दी।
गोपाल कुशवाहा एवं राधेश्याम पाल ने गजल सुनाकर आम आदमी की पीर को मुखरित कर सत्ता को नसीहत दिया। वरिष्ठ कवि अमरनाथ अजेय ने,जनगणमन में तृप्ति सींचने का जज्बा, खेत के मचान पर बैठा देखता अनवरत सुनाया। ओमप्रकाश त्रिपाठी सरदार कमलेश सिंह खांबे एवं भाजपा ध्यक्ष पूर्व डा धर्मवीर तिवारी एडवोकेट अशोक कुमार श्रीवास्तव एडवोकेट बार अध्यक्ष ने शहीदों को समर्पित वक्तव्य तथा शहीद स्थल करारी के उल्लेखनीय कार्यों का जिक्र करते हुए डाला गोली कांड में शहीद श्रमिकों को नमन किये।
पूर्व प्रशासनिक अधिकारी प्रकाश चंद्र गिरि ने ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने की पैरवी की। सभी अतिथियों कवियों का सारस्वत अभिनंदन किया गया। सोन सगीत फाउंडेशन के सुशील मिश्रा की सस्वर संगीत मय प्रस्तुति, बाल पाल लाल के धरती आजाद तिलक बलिदानी। बोस भगत अशफाक सरेखैं झुकै न पावै पानी ने आयोजन को चार चांद लगा दिया।
अंत में अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्य कार कथाकार रामनाथ शिवेन्द्र ने अध्यक्षीय संबोधन में शहीद स्थल करारी की स्थापना कठिनाई शासन प्रशासन स्थानीय जन प्रतिनिधियों के द्वारा असहयोग तथा केवल साहित्य कार गणों के सहयोग से चल रहे कार्यों को बिंबित कर डाला गोली कांड श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर आयोजन को पूर्णता दी।
आभार संयोजक प्रदुम्न त्रिपाठी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर देवानंद पांडेय जयशंकर त्रिपाठी ऋषभ आत्म प्रकाश त्रिपाठी त्रिपुरारी मिश्रा प्रदीप सिंह गुलाम हुसैन आद्या अंशिका अनीषा चौहान हर्ष चौहान लालता प्रसाद मिश्र गोपाल बंगाली आदि देर रात तक कवि सम्मेलन का आनंद लेते रहे।





