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Commonwealth Games 2026: ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल से एक बार फिर पदकों की बारिश की उम्मीद है. जहां नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू और जैसमीन लैंबोरिया जैसे खिलाड़ी भारत की उम्मीदों का भार संभालेंगे, वहीं कुछ युवा चेहरे पहली बार इस बड़े मंच पर उतरने के लिए तैयार हैं. इन डेब्यू खिलाड़ियों ने पिछले एक साल में अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि वे सिर्फ हिस्सा लेने नहीं, बल्कि भारत के लिए पदक जीतने आए हैं. भारत 125 खिलाड़ियों का दल भेज रहा है, जो 13 खेलों (पांच पैरा खेलों सहित) में चुनौती पेश करेगा.
31 वर्षीय सर्वेश कुषारे पिछले एक साल में शानदार फॉर्म में रहे हैं और हाई जंप में गोल्ड के दावेदार हैं. वह विश्व चैंपियनशिप में टॉप-6 में जगह बनाने के साथ 2.30 मीटर की ऊंचाई पार करने वाले पहले भारतीय बने. इस साल 2.31 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ वह इंग्लैंड के किमानी जैक के बराबर कॉमनवेल्थ देशों के संयुक्त सर्वश्रेष्ठ हाई जम्पर हैं. न्यूजीलैंड के हैमिश केर के साथ सरवेश को भी पदक का मजबूत दावेदार माना जा रहा है. यदि उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहराया तो गोल्ड मेडल भी जीत सकते हैं.
पेरिस ओलंपियन और मौजूदा एशियाई चैंपियन प्रीति पवार ग्लासगो में महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में कॉमनवेल्थ गेम्स में पदार्पण करेंगी. वह मुक्केबाजी में गोल्ड की सबसे बड़ी उम्मीद हैं. दुनिया की शीर्ष-10 मुक्केबाजों में शामिल प्रीति इस वर्ग में गोल्ड की सबसे बड़ी दावेदार हैं. उनकी सबसे बड़ी चुनौती इंग्लैंड की लॉरेन मैकी होंगी, जिन्होंने इस साल विश्व कप सर्किट में कांस्य पदक जीता था.
वेटलिफ्टिंग की नई सनसनी ज्ञानेश्वरी यादव भारतीय वेटलिफ्टिंग की उभरती हुई स्टार हैं. उन्होंने हाल ही में एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के बाद यूनिवर्सल वेटलिफ्टिंग कप में 194 किलोग्राम के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया. महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में वह इस समय कॉमनवेल्थ रैंकिंग में शीर्ष पर हैं. हालांकि नाइजीरिया की डिडीह ओनोमे उनके लिए कड़ी चुनौती साबित हो सकती हैं.
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साक्षी चौधरी ने भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए चयन ट्रायल में निकहत जरीन और मीनाक्षी हुड्डा जैसी पूर्व विश्व चैंपियनों को हराकर सबको चौंका दिया. वह महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी और अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में ही पदक जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं. उनका मुकाबला मुख्य रूप से नॉर्दर्न आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स से होगा.
पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में भारत के राजा मुथुपांडी भी पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स खेलेंगे. उन्होंने इस साल 302 किलोग्राम वजन उठाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और पहली बार 300 किलोग्राम का आंकड़ा पार किया. पिछले साल कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले राजा का मुकाबला इस बार मलेशिया के मुहम्मद अजनिल बिदिन से होने की उम्मीद है, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक हो सकता है.






