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french open 2026 upsets: फ्रेंच ओपन 2026 में रविवार को इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब यूक्रेन की मार्ता कोस्त्युक ने चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक को सीधे सेटों में 7-5, 6-1 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया. पेरिस में पिछले 3 दिनों के भीतर हुआ यह चौथा महा-उलटफेर है. इससे पहले नोवाक जोकोविच, यानिक सिनर और कोको गॉफ़ भी शिकस्त झेल चुके हैं. दिग्गजों की इस विदाई के साथ अब मेंस और वुमेंस दोनों ही कैटगरी में नया चैंपियन मिलना तय हो गया है.
नोवाक जोकोविच, सिनर, गॉफ के बाद इगा भी फ्रेंच ओपन से हुईं बाहर.
नई दिल्ली. फ्रेंच ओपन 2026 में रविवार का दिन इतिहास के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक का गवाह बना. चार बार की चैंपियन और वर्ल्ड नंबर-3 इगा स्वियातेक का 25वां जन्मदिन किसी बुरे सपने में बदल गया. खिताबी हैट्रिक लगाने उतरीं स्वियातेक का सफर प्री-क्वार्टर फाइनल में ही थम गया. उन्हें यूक्रेन की 15वीं वरीयता प्राप्त मार्ता कोस्त्युक ने सीधे सेटों में 7-5, 6-1 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया. स्वियातेक की इस शिकस्त ने रोलां गैरो पर पिछले तीन दिनों से चल रहे ‘उलटफेर के तूफान’ को चरम पर पहुंचा दिया है. इसके साथ ही अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि इस साल पेरिस के क्ले-कोर्ट पर पुरुष और महिला दोनों ही वर्गों में टेनिस जगत को एक नया चैंपियन मिलना तय है. पेरिस में पिछले 72 घंटे किसी बड़े नाटक से कम नहीं रहे हैं. टूर्नामेंट का रोमांच और अनिश्चितता उस समय अपने चरम पर पहुंच गई जब एक के बाद एक दिग्गज धराशायी होते चले गए.
पुरुष वर्ग में वर्ल्ड नंबर-1 यानिक सिनर अपना जलवा बिखेरने में नाकाम रहे और बाहर हो गए. 24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता और सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में शुमार नोवाक जोकोविच का सफर भी अप्रत्याशित रूप से खत्म हो गया. महिला वर्ग की गत चैंपियन कोको गॉफ भी दबाव नहीं झेल सकीं और टूर्नामेंट से बाहर हो गईं. और अब, सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही इगा स्वियातेक की विदाई ने इस सनसनी को पूरा कर दिया है. इन चार दिग्गजों के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद अब मेंस और वुमेंस सिंगल्स के ड्रॉ पूरी तरह खुल चुके हैं. डिफेंडिंग चैंपियन गॉफ और ‘क्ले-कोर्ट क्वीन’ स्वियातेक के बाहर होने के बाद अब वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेन्का को खिताब का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है.
नोवाक जोकोविच, सिनर, गॉफ के बाद इगा भी फ्रेंच ओपन से हुईं बाहर.
जब स्वियातेक के खिलाफ ‘दीवार’ बन गईं कोस्त्युक
कोर्ट फिलिप-चैटियर पर जब मुकाबला शुरू हुआ, तो शुरुआती गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली. दोनों ने दो-दो बार एक-दूसरे की सर्विस ब्रेक की. लेकिन पहला सेट जब 5-5 की बराबरी पर था, तब कोस्त्युक ने गजब का संयम दिखाया. उन्होंने 11वें गेम में अपनी सर्विस बचाई और फिर एक बेहतरीन बैकहैंड क्रॉसकोर्ट विनर लगाते हुए पहला सेट 7-5 से अपने नाम कर लिया. यह पहला मौका था जब कोस्त्युक ने अपने करियर में स्वियातेक के खिलाफ कोई सेट जीता था. इससे पहले के तीनों मुकाबलों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. पहला सेट जीतते ही मानसिक बढ़त कोस्त्युक के पास आ गई. दूसरे सेट में उन्होंने स्वियातेक के जन्मदिन के जश्न की उम्मीदों को पूरी तरह ध्वस्त करते हुए शुरुआती ब्रेक हासिल किया और देखते ही देखते 3-1 की बढ़त बना ली. इसके बाद स्वियातेक के पास कोस्त्युक की आक्रामकता का कोई जवाब नहीं था और दूसरा सेट 6-1 से कोस्त्युक के पक्ष में चला गया.
जीत के बाद भावुक हुईं कोस्त्युक, कहा- ‘अभी भी सदमे में हूं’
जैसे ही मैच का आखिरी अंक कोस्त्युक के खाते में गया, उन्होंने अपनी दोनों बाहें हवा में लहरा दीं. लाल बजरी पर खड़े होकर जब वो दर्शकों की तालियों का अभिवादन स्वीकार कर रही थीं, तो उनके चेहरे पर इतिहास रचने की खुशी साफ दिख रही थी. इस जीत के साथ ही कोस्त्युक ने इस सीजन में क्ले-कोर्ट पर अपने अजेय क्रम को 15-0 तक पहुंचा दिया है. वह इससे पहले रूएन और मैड्रिड में खिताब जीत चुकी हैं.
मैच के बाद ऑन-कोर्ट इंटरव्यू में भावुक कोस्त्युक ने कहा, ‘मैं अभी भी सदमे में हूं. मुझे ऐसा लग रहा है कि मैंने खुद को कोर्ट पर कुछ नया रचने और विरोधियों को चुनौती देने की पूरी आजादी दी है. जब मैं सुबह सोकर उठी, तो बस यही सोच रही थी कि आज का दिन कितना अविश्वसनीय होने वाला है. और मैं कोर्ट पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने के अलावा कुछ और नहीं सोच रही थी.’ जीत के बाद कोस्त्युक ने टेनिस को लेकर अपना एक बेहद खूबसूरत और जमीन से जुड़ा नजरिया भी साझा किया. उन्होंने कहा, ‘मैं हार-जीत पर बिल्कुल ध्यान नहीं देती, क्योंकि मैं सिर्फ जीतने के लिए टेनिस नहीं खेलती. मैं टेनिस इसलिए खेलती हूं क्योंकि मुझे इससे प्यार है. मैं इसके जरिए लोगों से जुड़ना चाहती हूं, इस ऊर्जा को महसूस करना चाहती हूं, लोगों को खुशी देना चाहती हूं और उन्हें एकजुट करना चाहती हूं.’ स्वियातेक को हराने के बाद अब मार्ता कोस्त्युक टूर्नामेंट की सबसे खतरनाक खिलाड़ी बनकर उभरी हैं. अपने करियर के पहले रोलां गैरो क्वार्टर फाइनल में अब उनका मुकाबला सातवीं वरीयता प्राप्त एलिना स्वितोलिना या 11वीं वरीयता प्राप्त बेलिंडा बेनसिच के बीच होने वाले मैच की विजेता से होगा.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें






