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Satwik Sairaj Rankireddy and Chirag Shetty Singapore champion: भारतीय बैडमिंटन स्टार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने 1 घंटे 13 मिनट चले मैराथन मुकाबले में इंडोनेशिया के फज्र अल्फियान और मुहम्मद फिक्री को 18-21, 21-17, 21-16 से हराकर सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब अपने नाम कर लिया. पहला गेम गंवाने के बाद भारतीय जोड़ी ने अद्भुत साहस दिखाते हुए शानदार वापसी की. इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही सात्विक-चिराग ने अपना तीसरा सुपर 750 खिताब जीता और दो साल से चले आ रहे खिताबी सूखे को खत्म कर कोर्ट पर जमकर डांस किया.
सात्विक-चिराग ने दो साल बाद जीता खिताब.
नई दिल्ली. भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है. भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने कोर्ट पर वो कमाल कर दिखाया है जिसका फैंस को लंबे समय से इंतजार था. एक सांस रोक देने वाले बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में इस भारतीय सनसनी ने इंडोनेशिया की मजबूत जोड़ी को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया. इस धमाकेदार जीत के साथ ही सात्विक और चिराग ने न सिर्फ सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब अपने नाम किया, बल्कि अपने दो साल के खिताबी सूखे को भी पूरी तरह से खत्म कर दिया.
यह खिताबी मुकाबला सिर्फ बैडमिंटन का मैच नहीं, बल्कि दोनों जोड़ियों के बीच धैर्य, कौशल और मानसिक मजबूती की अग्निपरीक्षा था. फाइनल में सात्विक-चिराग का सामना इंडोनेशिया के बेहद आक्रामक और चालाक शटलर्स फज्र अल्फियान और मुहम्मद फिक्री से था. पूरे 1 घंटे और 13 मिनट तक चले इस मैराथन मुकाबले में दोनों टीमों ने एक-एक अंक के लिए जान लगा दी. कोर्ट पर रफ्तार, सटीक ड्रॉप शॉट्स और गगनचुंबी स्मैश का ऐसा नजारा दिखा जिसने दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रखा. खेल के आंकड़े इस खिताबी भिड़ंत की कहानी खुद बयां करते हैं.
सात्विक-चिराग ने दो साल बाद जीता खिताब.
पहले गेम का झटका और फिर ‘करो या मरो’ की हुंकार
मैच की शुरुआत भारतीय जोड़ी के पक्ष में नहीं रही. इंडोनेशियाई जोड़ी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और सात्विक-चिराग की गलतियों का फायदा उठाते हुए पहला गेम 21-18 से अपने नाम कर लिया. पहला गेम गंवाने के बाद भारतीय खेमे पर दबाव साफ देखा जा सकता था. लेकिन, चैंपियन वही होते हैं जो दबाव में बिखरने की बजाय निखरते हैं. दूसरे गेम में सात्विक और चिराग एक बिल्कुल अलग रणनीति के साथ कोर्ट पर उतरे. चिराग ने नेट पर बेहतरीन मुस्तैदी दिखाई, तो वहीं सात्विक ने कोर्ट के पिछले हिस्से से दमदार रिटर्न संभाले. दोनों ने इंडोनेशियाई खिलाड़ियों को रैलियों में उलझाया और दूसरा गेम 21-17 से जीतकर मैच को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया.
निर्णायक गेम: सात्विक के ‘पावर स्मैश’ और चिराग का जोश
तीसरा और निर्णायक गेम पूरी तरह से साहस और दृढ़ संकल्प की दास्तान था। शुरुआती अंकों में मुकाबला बेहद करीबी रहा.स्कोर कभी 10-10 तो कभी 12-12 की बराबरी पर चल रहा था. खेल जब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचा, तब सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी का ‘बिग हिटिंग’ गेम सामने आया. मैच के आखिरी क्षणों में जब दबाव सबसे ज्यादा था, तब सात्विक के दमदार और सटीक स्मैश ने इंडोनेशियाई रक्षापंक्ति को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। चिराग ने भी नेट पर चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए अंक बटोरे. भारतीय जोड़ी ने लगातार अंक बनाते हुए बढ़त बनाई और आखिरकार तीसरा गेम 21-16 से जीतकर चैंपियनशिप अपने नाम कर ली.
दो साल का इंतजार खत्म: कोर्ट पर दिखा ‘भांगड़ा’
जैसे ही इंडोनेशियाई खिलाड़ी का आखिरी शॉट नेट पर लगा, सात्विक और चिराग की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.दो साल से किसी बड़े खिताब का इंतजार कर रही इस जोड़ी के लिए यह जीत किसी बड़े उत्सव से कम नहीं थी. जीत दर्ज करते ही दोनों खिलाड़ियों ने रैकेट हवा में उछाले और कोर्ट पर ही जश्न में डूब गए. फैंस के शोर के बीच दोनों स्टार्स ने कोर्ट पर ही भांगड़ा और डांस करना शुरू कर दिया, जिसे देख पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा. यह सात्विक और चिराग के करियर का तीसरा सुपर 750 खिताब है, जो यह साबित करता है कि वे दुनिया की सबसे खतरनाक जोड़ियों में से क्यों गिने जाते हैं. इस पूरे टूर्नामेंट में भारतीय जोड़ी ने जिस तरह का जज्बा दिखाया, उसने यह साफ कर दिया कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स और ओलंपिक जैसे मंचों के लिए उनकी तैयारियां बिल्कुल सही दिशा में हैं.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें







