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वाराणसी में भारी बारिश के बीच शिवाला समेत कई वार्डों की मुख्य सीवर लाइनों में बालू भरी 12 बोरियां, पत्थर और लकड़ी का बुरादा ठूंसने का मामला तूल पकड़ चुका है. नगर निगम ने इसे जलभराव की गहरी साजिश बताते हुए भेलूपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी. हालांकि, घटना के 12 दिन बाद भी स्मार्ट सिटी और स्थानीय सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस के हाथ खाली हैं. वहीं, सपा और कांग्रेस ने इसे लेकर डबल इंजन सरकार पर सीधा हमला बोल दिया है.
Varanasi News: धर्मनगरी काशी में बीते दिनों मानसूनी बारिश ने जमकर कहर बरपाया, जिसके चलते शहर के कई इलाकों में भीषण जलजमाव की तस्वीरें सामने आईं. इसी जलभराव के बीच नगर निगम ने शिवाला क्षेत्र के एक मुख्य सीवर से एक के बाद एक बालू भरी 12 बोरियां निकाली और इसे शहर को डुबोने की ‘साजिश’ करार दिया. नगर निगम की शिकायत पर भेलूपुर थाने में अज्ञात अराजक तत्वों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को 12 दिन बीत जाने के बाद भी ‘साजिश’ का पर्दाफाश नहीं हो सका है और पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं.
सफाई में निकलीं 12 बोरियां
जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता (जोन-2) सुधीर वर्मा की ओर से भेलूपुर थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक, शिवाला वार्ड संख्या-75 के अंतर्गत कूड़ा घर रत्नाकर पार्क के पास (अग्रवाल रेडियो के निकट) जलभराव की समस्या के स्थायी निस्तारण के लिए सीवर सफाई अभियान चल रहा था. 11 और 12 सितंबर की दरमियानी रात मुख्य सीवर लाइन से भारी मात्रा में बालू से भरी 12 बोरियां बरामद की गईं. सिर्फ शिवाला ही नहीं, बल्कि सरायनंदन और नगवा समेत करीब आधा दर्जन वार्डों की मुख्य सीवर लाइनों में बालू की बोरियां, लकड़ी का बुरादा, पत्थर, प्लाईवुड और प्लास्टिक का कचरा ठूंस-ठूंस कर भरा मिला. नगर निगम प्रशासन ने इसे सुनियोजित साजिश मानते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज कराई.
24 घंटे चहल-पहल वाले इलाके में बोरियां कैसे पहुंचीं?
लोकल-18 की टीम ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर उस सीवर के आसपास के स्थानीय निवासियों और दुकानदारों से सीधी बातचीत की. स्थानीय निवासी अनूप कुमार ने बताया कि उन्हें भी इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिली. उन्होंने व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा, ‘जिस सीवर से बालू भरी बोरियां निकाली गई हैं, वह इलाका 24 घंटे गुलजार रहता है और लगातार आवाजाही बनी रहती है. ऐसे व्यस्त इलाके में सीवर का ढक्कन खोलकर 12 भारी बोरियां अंदर डाल दी गईं और किसी को भनक तक नहीं लगी, यह बात गले नहीं उतरती.’ वहीं, आसपास के अधिकांश दुकानदार इस संवेदनशील मामले पर कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बचते नजर आए.
CCTV जांच में नहीं मिला सुराग, अंतिम रिपोर्ट (FR) की आशंका
मामले की गंभीरता को देखते हुए भेलूपुर पुलिस ने स्मार्ट सिटी कमांड सेंटर के कैमरों के साथ-साथ आसपास के स्थानीय प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं. दुकानदारों से भी लंबी पूछताछ की गई, लेकिन अब तक कोई पुख्ता सुराग हाथ नहीं लगा है कि ये बोरियां सीवर में कब और किसने डालीं. स्थानीय स्तर पर भी पुलिस को कोई ठोस गवाह नहीं मिल सका है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग जांची जा रही है. यदि तकनीकी जांच और सीसीटीवी से कोई फुटेज या साक्ष्य नहीं मिलता है, तो अंततः पुलिस इस मामले में फाइनल रिपोर्ट (FR) लगाकर फाइल बंद कर सकती है.
साजिश पर सियासी उबाल, डबल इंजन सरकार पर विपक्ष का हमला
सीवर में बोरी मिलने के इस सनसनीखेज मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है. मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस लगातार सत्तापक्ष पर हमलावर हैं. विपक्ष का सीधा सवाल है कि यदि शहर को जलमग्न करने की कोई सुनियोजित साजिश रची गई थी, तो प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार और उसकी पुलिस 12 दिन बीत जाने के बाद भी दोषियों को बेनकाब करने में नाकाम क्यों साबित हो रही है? विपक्ष का आरोप है कि नगर निगम अपनी बुनियादी विफलता और जलभराव की बदहाली से ध्यान भटकाने के लिए साजिश का शिगूफा छोड़ रहा है.
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Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…
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