संवाददाता@विशाल टंडन……

अक्षय तृतीया के अवसर पर चलाए जा रहे विशेष बाल विवाह रोकथाम अभियान के तहत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की मदद से रायपुर और रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्रों में दो नाबालिग बच्चियों का बाल विवाह होने से रोका गया। दोनों मामलों में चाइल्ड लाइन यूनिट ने पुलिस के साथ संयुक्त कार्यवाही करते हुए बच्चियों को सुरक्षित किया।
रायपुर थाना क्षेत्र से मिली सूचना पर टीम मौके पर पहुंची। बच्ची की उम्र संबंधी दस्तावेज मांगे जाने पर परिजन साक्ष्य प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे। प्रथम दृष्टया बालिका नाबालिग प्रतीत होने पर टीम ने तत्काल रेस्क्यू कर उसे रायपुर थाने पहुंचाया और बाल गृह में आवासित कराया गया।
इस कार्यवाही में परियोजना समन्वयक मुकेश सिंह, पर्यवेक्षक सुधा गिरी, काउंसलर अमन सोनकर और रायपुर पुलिस टीम शामिल रही। इसी क्रम में रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र से भी एक नाबालिग बच्ची को संरक्षित किया गया। इस बच्ची का रेस्क्यू टीम सदस्य सीमा शर्मा, सत्यम चौरसिया एवं दीपिका सिंह द्वारा किया गया। रेस्क्यू के बाद बालिका को बाल कल्याण समिति CWC के समक्ष प्रस्तुत किया गया और समिति के आदेश पर बाल गृह में सुरक्षित आवासित कराया गया है।
परियोजना समन्वयक मुकेश सिंह ने बताया कि अक्षय तृतीया पर बाल विवाह की आशंका को देखते हुए जिले में चाइल्ड हेल्पलाइन एवं पुलिस द्वारा विशेष सतर्कता बरतते हुए संयुक्त कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानूनन विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। बाल विवाह में शामिल माता-पिता, रिश्तेदार तथा विवाह संपन्न कराने वाले पंडित आदि के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यदि आपके आसपास कहीं बाल विवाह होने की जानकारी मिले तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1098 पर सूचना दें। आपकी एक कॉल किसी बच्ची का भविष्य बचा सकती है।