@जेo केo/@कृपा शंकर पांडेय…..

Sonbhadra । जनपद के चोपन थाना क्षेत्र अंतर्गत मीतापुर गांव में अवैध बालू खनन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है, जिसने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल कुमार यादव, उनके भाई तथा एक दलित युवक के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार और जातिसूचक गाली देने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
चर्चा है कि ओबरा तहसील क्षेत्र के महलपुर स्थित रूद्रा माइनिंग लीज के आसपास, मीतापुर गांव के समीप सोन नदी की मुख्यधारा में लंबे समय से अवैध तरीके से बालू खनन किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि खनन माफिया प्रतिबंधित मशीनों का उपयोग कर रोजाना सैकड़ों ट्रकों से बालू की निकासी कर रहे थे, जिससे न केवल पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन हो रहा था बल्कि नदी की प्राकृतिक धारा भी प्रभावित हो रही थी।

बताया जा रहा है कि इन शिकायतों के आधार पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव अपने भाई राजेंद्र यादव के साथ 12 अप्रैल 2026 को मौके पर जांच करने पहुंचे थे। वे मीतापुर स्थित बंधा क्षेत्र के पास अपनी स्कॉर्पियो वाहन खड़ी कर निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान महलपुर क्षेत्र से जुड़े 8 से 10 लोगों का एक समूह वहां पहुंचा और उनके साथ दुर्व्यवहार शुरू कर दिया। आरोप है कि उक्त लोगों ने अनिल यादव के साथ अभद्रता की और उनके भाई राजेंद्र यादव के साथ मारपीट की। साथ ही स्कॉर्पियो वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया।
ग्रामीणों के अनुसार कुछ समय के लिए उन्हें जबरन ले जाने की भी चर्चा रही, जिससे क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बन गया।
इसी घटनाक्रम के दौरान ग्राम बिजौरा निवासी देवनारायण उर्फ पप्पू कोल, जो अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं, ने थाना चोपन में तहरीर देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि वह मौके पर वीडियो बना रहे थे, तभी कुछ लोग लाठी-डंडा लेकर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। आरोप है कि उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया, विरोध करने पर मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। तहरीर में धीरज सिंह समेत करीब 10 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही चोपन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने अवैध खनन पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि भगवा महलपुर क्षेत्र में दो पक्षों के बीच झड़प की सूचना मिली थी।
जांच में सामने आया कि कुछ लोग खनन स्थल पर वीडियो बना रहे थे, जिसका दूसरे पक्ष ने विरोध किया। इसी बात को लेकर नोकझोंक और मारपीट हुई। उन्होंने अपहरण की बातों को निराधार बताया है।
पुलिस ने दोनों पक्षों से तहरीर प्राप्त कर ली है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वही अनिल यादव ने मीडिया को बताया कि उनके भाई को बालू साइड के लोगों ने अगवा कर बंधक बनाया था, पुलिस अधीक्षक को सूचना देने के बाद मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने उन्हें खुद छोड़ कर लाया है वह ऐसी बात कैसे कर सकते हैं, फिलहाल आरोप प्रत्यारोप दोनों तरफ से लगाए जा रहे हैं।
फिलहाल इस घटना ने अवैध खनन के मुद्दे को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर सख्ती नहीं की गई, तो ऐसे विवाद आगे और गंभीर रूप ले सकते हैं। प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे।
