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Who is Payal Nag: फाइनल मुकाबले की शुरुआत बराबरी पर हुई. शुरुआती दो राउंड के बाद दोनों आर्चर 54 अंकों की बराबरी पर थीं. हालांकि, जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, पायल ने अपने खेल का स्तर और ऊंचा कर लिया. उन्होंने तीन शांत और संयमित राउंड खेले, जिससे निर्णायक बढ़त बना ली और एक यादगार जीत हासिल की.

पायल नाग ने शीतल देवी को हराकर जीता गोल्ड.
बैंकॉक. वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में भारत की उभरती पैरा-आर्चर पायल नाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के कंपाउंड ओपन इंडिविजुअल वर्ग में गोल्ड मेडल जीता. बैंकॉक में आयोजित इस प्रतियोगिता में पायल नाग ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन शीतल देवी को 139-136 से शिकस्त दी. फाइनल मुकाबले की शुरुआत बराबरी पर हुई. शुरुआती दो राउंड के बाद दोनों आर्चर 54 अंकों की बराबरी पर थीं. हालांकि, जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, पायल ने अपने खेल का स्तर और ऊंचा कर लिया. उन्होंने तीन शांत और संयमित राउंड खेले, जिससे निर्णायक बढ़त बना ली और एक यादगार जीत हासिल की.
पिछले एक साल से शीतल का दबदबा रहा था. 19 साल की शीतल जबरदस्त फॉर्म में थीं और 2025 के शानदार सीजन के बाद उन्हें दुनिया भर में पहचान मिली थी. उन्होंने बैंकॉक में भी अपनी वही फॉर्म जारी रखी और क्वालिफिकेशन राउंड में 698 (25X) के शानदार स्कोर के साथ टॉप पर रहीं. वह कजाकिस्तान की जानत ऐतिमोवा से काफी आगे थीं. पायल ने इससे पहले 678 (9X) के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर क्वालीफाई किया था.
पायल नाग ने शीतल देवी को हराकर जीता गोल्ड.
दोनों फाइनलिस्ट ने नॉकआउट राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए आगे जगह बनाई थी. सेमीफाइनल में शीतल ने सिंगापुर की नूर शाहिदा अलीम को 147-142 से हराया, जबकि पायल ने ऐतिमोवा को 144-140 से हराकर फाइनल में जगह बनाई. टूर्नामेंट में इससे पहले भी पायल ने सफलता का स्वाद चख लिया था. उन्होंने शीतल के साथ जोड़ी बनाकर महिलाओं के डबल्स इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था, जिससे कंपाउंड कैटेगरी में भारत की ताकत साबित हुई थी, लेकिन जब इंडिविजुअल फाइनल की बारी आई, तो पायल ने ही मौके का फायदा उठाया और दबाव में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने करियर की अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल की.
बैंकॉक में भारत का शानदार प्रदर्शन सिर्फ महिलाओं के कंपाउंड इवेंट तक ही सीमित नहीं रहा. पुरुषों के कंपाउंड ओपन फाइनल में, वर्ल्ड चैंपियन टोमन कुमार ने ऑस्ट्रेलिया के जोनाथन मिल्ने को 146-142 से हराकर गोल्ड मेडल जीता. इसके साथ ही उन्होंने मिक्स्ड और पुरुषों के टीम इवेंट में भी जीत हासिल करके टाइटल्स की हैट्रिक पूरी की. रिकर्व वर्ग में, भावना ने थाईलैंड की फत्थराफोन पट्टावाओ पर 6-0 की शानदार जीत के साथ महिलाओं का व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता.
दूसरी ओर, पैरालंपिक चैंपियन हरविंदर सिंह को पुरुषों के रिकर्व वर्ग के फाइनल में इंडोनेशिया के खोलिडिन से 3-7 से हारने के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा. भारत अंततः पदक तालिका में शीर्ष पर रहा, जिसने सात स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य पदकों के साथ पैरा तीरंदाजी में अपने बढ़ते दबदबे को साबित किया.
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नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें
