मुख्य संवाददाता@सौरभ गोस्वामी……

ग्राम पंचायत जुगैल के बड़का डाड़ के 18 आदिवासियों की जमीन को पूर्व वनाधिकार समिति के सदस्य अमृतलाल बैगा द्वारा अपने एवं अपने परिवार जनों के नाम अधिकारियों को गुमराह कर पट्टा करा लिया गया है।इसे लेकर बुधवार को डीएफओ ओबरा के कार्यालय पर आदिवासियों द्वारा राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक जिलाध्यक्ष हरदेव नारायण तिवारी के अध्यक्षता में प्रदर्शन कर पत्र सौपा गया।
इस दौरान मांग किया गया की यह आदिवासी उक्त गाटा संख्या पर विगत 25-30 वर्ष से जोत कोड़ कर अपने बच्चों का परवरिस कर रहे थे। इसे तत्कालीन वनाधिकार समिति के सदस्य रामसूरत बैगा द्वारा अधिकारियों को गुमराह कर पट्टा करा लिए।तत्कालीन अध्यक्ष एवं सचिव अमृतलाल बैगा व परमा सिंह के बिना जानकारी में गलत तरीके से पट्टा अमृतलाल बैगा द्वारा वर्ष 2007-8 में करा लिया गया। इस आशय का शपथ पत्र रामसूरत बैगा द्वारा नायब तहसीलदार ओबरा एवं परमार सिंह द्वारा मंडल आयुक्त मिर्जापुर को लिखकर दिया है।

वर्ष 2023 तक निर्विवाद रूप से 18 आदिवासी अपनी खेती बाड़ी कर रहे थे। इसके बाद अमृतलाल बैगा उस खेत की जुताई के लिए हल बैल लेकर चढ़ाई कर दिए जिससे मारपीट की संभावना बढ़ गई थी।तब से आदिवासी अपने जमीन के लिए जांच की मांग करते चले आ रहे है। दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसको देखते हुए जांच कराई जाए।
वही पूर्व सदस्य अमृतलाल बैगा ग्राम पंचायत जुगैल के पांच विभिन्न स्थानों पर अपने एवं अपने परिवार जनों के नाम वन भूमि का पट्टा कराया है। इसकी भी जांच होनी चाहिए।मौके पर डीएफओ ने कहा की मामले में जिलाधिकारी द्वारा पत्र दिया गया है। इसकी निष्पक्ष जांच एसडीएम तथा समाज कल्याण अधिकारी द्वारा की जायेगी।
प्रदर्शन में कामरेड लालचंद, शमीम अख्तर खान,राम प्रसाद, चन्दर, हरिलाल, गोरखनाथ, गुलाब किस्मतिया, मलकनिया, शुकवरिया, वेदवन्ती, दसवंती , लालमती, रामपति ,सियाराम ,ईश्वर प्रसाद आदि शामिल रहे।






