दुद्धी/सोनभद्र.@मोहम्मद इब्राहिम…..

सरकार द्वारा स्कूलों में एनसीआरटी की पुस्तकें अनिवार्य किए जाने के बाद भी दुद्धी कस्बे में संचालित प्राइवेट कान्वेंट स्कूल महंगी किताबें लगाकर अभिभावकों को परेशान करने से बाज नही आ रहे हैं, इसकी खुलासा शिक्षा विभाग के दो बड़े अधिकारियों के औचक निरीक्षण में भी हो चुका हैं फिर भी कार्यवाही के नाम नोटिस जारी करके पल्ला झाड़ लेना चर्चा का विषय बन गया हैं।
ज़ब प्राइवेट महंगी पुस्तक सेटिंग की दुकान से खरीदवाने की खबर सुर्खिया बनी तो शिक्षा विभाग हरकक्त आया और दुद्धी में बुक स्टॉल और दो स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जहाँ एक स्कूल में बकायदे अमान्य पुस्तकें मिली जिसे टीम अपने साथ ले गई। अभिभावकों ने नाम नही छापने की शर्त पर बताया कि ज़ब शिक्षा विभाग के अधिकारियों को प्राइवेट बुक और बुक लिस्ट मिल गया तो अब कौन सा सबूत चाहिए कि नोटिस जारी करते हुए लिखा गया हैं कि “यदि ऐसा पाया जाता हैं ।
मान्यता प्रत्याहरण की कार्यवाही कर दी जाएगी” जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्वयं प्राइवेट महंगी पुस्तक मौके से बरामद की और बुक लिस्ट भी मिला तो आखिर कौन सा प्रूफ चाहिए कार्यवाही करने के लिए ? यह सवाल अब हर किसी अभिभावकों के बीच चर्चा का विषय बन गया हैं।