@जेo केo/सोनभद्र…….

Sonbhadra । सोनभद्र में मनरेगा कर्मचारियों का मानदेय चार महीने से बकाया होने पर कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कर्मचारियों ने बकाया मानदेय के भुगतान और अन्य मांगों को लेकर ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर संगठन ने आज कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन कर सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोशिएशन के जिलाध्यक्ष विनय कुमार पांडेय जनपद के मनरेगा कर्मचारी—एपीओ, लेखा सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर और ग्राम रोजगार सेवक—पिछले चार महीनों से मानदेय न मिलने से परेशान हैं। कर्मचारियों का कहना है कि दीपावली, छठ और होली जैसे प्रमुख त्योहारों पर भी उन्हें मानदेय नहीं मिला, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों के अनुसार मानदेय न मिलने से बच्चों की फीस जमा करने, बुजुर्ग माता-पिता के इलाज और परिवार के भरण-पोषण में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद शासन की ओर से काम का लगातार दबाव बनाया जा रहा है और कर्मचारी पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जनपद स्तर पर भी मानदेय भुगतान के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है।
इसके अलावा कर्मचारियों ने ईपीएफ को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2015 से उनके वेतन से ईपीएफ की कटौती तो की जा रही है, लेकिन वह राशि अब तक पूरी तरह उनके खातों में जमा नहीं की गई है। ऐसे में किसी दुर्घटना की स्थिति में उनके परिवार को मिलने वाले लाभ से वंचित होने का खतरा बना हुआ है।
मनरेगा कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी मानदेय बढ़ाया जाए और कर्मचारियों को उचित सुविधाएं दी जाएं, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण ठीक से कर सकें।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे मजबूरन कलमबंद हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।