मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन
मानपुर में विद्युतीकरण के बाद कुछ समय ही चली आपूर्ति, ग्रामीणों ने दूसरे ट्रांसफार्मर से लिया कनेक्शन

विकासखंड रॉबर्ट्सगंज की ग्राम पंचायत मानपुर में प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत चार-पांच वर्ष पूर्व कराए गए विद्युतीकरण की व्यवस्था अब सवालों के घेरे में है। गांव में लगाए गए बिजली के खंभों पर लगे तार और 16 केवी का ट्रांसफार्मर अब कहां है, इसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं है।

ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय स्तर से तार और ट्रांसफार्मर हटाए जाने के बाद दोबारा विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं की गई। ग्रामीणों के मुताबिक शाहगंज रजवाहा से ममुआ माइनर होते हुए मानपुर जाने वाले मार्ग पर बगहुत बाबा मंदिर के पास करीब चार-पांच वर्ष पूर्व बिजली के खंभे लगाए गए थे। वहीं विमलेश श्रीवास्तव के मकान के पास 16 केवी का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया था। इससे करीब 20-25 घरों को बिजली आपूर्ति मिल रही थी।

ग्रामीण जितेंद्र प्रसाद ने बताया कि कुछ समय तक व्यवस्था ठीक चली, लेकिन ममुआ माइनर मोड़ के पास लगे एक बिजली के खंभे को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। खंभा टूटने के बाद इस लाइन की आपूर्ति ठप हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार बिजली विभाग को मौखिक रूप से सूचना दी गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय के पास लगे दूसरे ट्रांसफार्मर से कनेक्शन ले लिया।

अन्य ग्रामीण विमलेश श्रीवास्तव ने बताया कि दूसरे ट्रांसफार्मर की दूरी ज्यादा है लंबी दूरी से बिजली लेने के कारण लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है और केबल भी बार-बार टूटती है। ग्रामीण प्रहलाद मौर्य, अशोक मौर्य, प्रभु यादव, लालजी समेत अन्य ने सवाल उठाया कि जब यहां ट्रांसफार्मर और तार लगाए गए थे तो अब वे कहां हैं? ग्रामीणों का दावा है कि विभागीय कर्मचारी ट्रांसफार्मर और तार यहां से ले गए थे।

इस संबंध में पसही फीडर के एसडीओ श्रवण कुमार ने बताया कि मामला कई वर्ष पुराना है और उन्हें इसकी जानकारी नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि जल्द ही जेई व अन्य कर्मचारियों को मौके पर भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा और स्थिति की जानकारी लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।







