संवाददाता@रामबली मिश्रा……
— सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ धूमधाम से मनाई गई आदिवासी दिवस

जरहा न्याय पंचायत के समूचे क्षेत्र के आदिवासी परिवार के लोग हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी रविवार को सिरसोती में एकजुट होकर रैली निकाली । आदिवासी समुदाय का यह रैली यात्रा बीजपुर पुनर्वास प्रथम, नेमना, जरहा पिंडारी, बखरिहवा होते हुए बभनडीहा में पहुँच कर आम सभा में तब्दील हो गया।विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपरांत समाप्त हुआ।

रैली में अधेड़, युवा, महिलाए ,बच्चे रास्ते में जगह जगह सम्लित होते गए इससे कार्यक्रम को भव्य रूप में तब्दील होकर यादगार बना दिया। पुनर्वास प्रथम में बच्चों के द्वारा संस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बहादुर सिंह गोड़ ने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी दिवस प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को विश्व भर में आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा, उनकी संस्कृति, भाषा और पहचान को बचाने तथा उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है।

जय सिंह गोड़ ने बताया कि आदिवासी दिवस मनाने की ऐतिहासिक शुरुआत: 9 अगस्त 1982 को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के आदिवासी आबादी पर कार्य समूह की पहली बैठक हुई थी। इसीलिए ऐतिहासिक दिन की याद में संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 1994 में हर साल 9 अगस्त को यह दिवस मनाने की घोषणा की थी।

रैली में मुख्य रुप से राजनाथ सिंह,धनसिंह, उमेश मरकाम, अर्जून सिंह, बृजकुमार सिंह,रामनरेश भारती, सरोज सिंह जयराम सिंह, ललित सिंह , बेचू सिंह सहित भारी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग शामिल रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह दलबल के साथ कार्यक्रम में मुस्तैद रहे।







