संवाददाता@अनिल अग्रहरी……

चोपन थाना क्षेत्र के कोटा गांव में एक आदिवासी परिवार ने अपनी पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और राजस्व अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित काश्तकार का कहना है कि संबंधित भूमि उसके पिता बुधीराम के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है, इसके बावजूद दूसरे पक्ष द्वारा खेत की जुताई की जा रही है।
पीड़ित के अनुसार, उसने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों को देते हुए भूमि की पैमाइश और राजस्व अभिलेखों की जांच कराने का अनुरोध किया है। उसका कहना है कि मौके पर राजस्व विभाग की टीम भेजकर अभिलेखों का सत्यापन कराया जाए, ताकि वास्तविक स्वामित्व स्पष्ट हो सके।

पीड़ित का दावा है कि कोटा निवासी किशुन देव जायसवाल ने कई वर्ष पहले लगभग 1800 रुपये में उक्त भूमि रेहन पर ली थी। आर्थिक तंगी के कारण वह समय पर राशि वापस नहीं कर सका। अब पीड़ित का आरोप है कि रेहन की जमीन पर स्थायी कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
पीड़ित परिवार ने मांग की है कि मौके पर संबंधित लेखपाल की मौजूदगी में राजस्व अभिलेखों की जांच कराई जाए तथा जिस व्यक्ति के नाम भूमि दर्ज है, उसी को खेती करने का अधिकार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आदिवासी परिवार के वैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को रोका जाए।
पीड़ित ने इस संबंध में संबंधित पुलिस के आलाअधिकारियों को पत्र भेजकर हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने और न्याय दिलाने की मांग की है।






