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— वर्मी कम्पोस्ट यूनिट से होगी आय, आत्मनिर्भर मॉडल के रूप में विकसित होगी गौशाला

Sonbhadra। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में सोनभद्र जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने नई हिंदुआरी में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (डीएमएफ) फंड से एक आत्मनिर्भर वृहद गौशाला के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना पर 1 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत आएगी तथा निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित गौशाला का उद्देश्य निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश के संरक्षण, संवर्धन एवं समुचित पुनर्वास की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। गौशाला में गोवंश के सुरक्षित आवास के लिए दो आधुनिक शेड बनाए जाएंगे, जिनके निर्माण पर 82.88 लाख रुपये व्यय होंगे। इसके अतिरिक्त चारा भंडारण के लिए 12.67 लाख रुपये की लागत से भंडारण कक्ष का निर्माण भी कराया जाएगा, जिससे वर्षभर चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने बताया कि गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से परिसर में लगभग 15 लाख रुपये की लागत से वर्मी कम्पोस्ट यूनिट स्थापित की जाएगी। गोबर से तैयार होने वाली जैविक खाद की बिक्री से प्राप्त आय का उपयोग गौशाला में गोवंश के चारा, पानी, उपचार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर किया जाएगा।
इससे गौशाला का संचालन दीर्घकाल तक आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बन सकेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि गौशाला में गोवंश के लिए स्वच्छ पेयजल, नियमित टीकाकरण, पशु चिकित्सा सुविधा तथा समुचित देखभाल की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
यह परियोजना गोवंश संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।






